चंडीगढ़ , जून 15 -- हरियाणा के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नारबीर सिंह ने प्रदेशवासियों से 21 जून को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कम से कम दो पौधे लगाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पौधे भावी पीढ़ियों के लिए सबसे बड़ा उपहार हैं और पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।
श्री सिंह ने कहा कि पेड़ मानव जीवन के लिए फेफड़ों की तरह कार्य करते हैं। वे ऑक्सीजन, भोजन और छाया प्रदान कर जीवन को समृद्ध बनाते हैं तथा मृत्यु के बाद भी विभिन्न रूपों में मानव के काम आते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य और पेड़ों का संबंध जीवनभर बना रहता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों को भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग देना चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में हरित विकास की भावना देखने को मिली और लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम-2' अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
वन मंत्री ने कहा कि इस वर्ष 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस और प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 12 वर्ष एक ही माह में पड़ रहे हैं। इसे विशेष बनाने के लिए लोगों को 12 नए स्थानों पर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जुलाई में आयोजित होने वाले वन महोत्सव के दौरान लगाए गए पौधों की कम से कम पांच वर्ष तक देखभाल करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है, ताकि वे विकसित होकर वृक्ष बन सकें।
श्री सिंह ने बताया कि राज्य सरकार ने 100 करोड़ रुपये के ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड का प्रावधान किया है। यह फंड शून्य-उत्सर्जन वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण, शहरी हरितीकरण, जलवायु-अनुकूल कृषि और प्रकृति-आधारित समाधानों को बढ़ावा देगा। साथ ही वायु एवं जल प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने और पर्यावरण क्षेत्र में नवाचार आधारित निवेश को भी प्रोत्साहित करेगा।
उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में लोगों की व्यापक भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा अब आर्थिक विकास के साथ-साथ हरित और सतत विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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