विजयवाड़ा , जून 21 -- आंध प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यहां आयोजित मुख्य समारोह से 'योगमय राष्ट्र व योगमय विश्व के आह्वान' के बीच मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने राज्य की जनता को नशाखोरी के विरुद्ध शपथ दिलायी और योग गुरू स्वामी रामदेव के परामर्श के साथ प्राणायाम को राज्य में जनांदोलन बना कर घर-घर पहुंचाने के संकल्प की घोषणा की।
कार्यक्रम विजयवाड़ा के म्यूनिशिपल स्टेडियम में रखा गया था और पूरा स्टेडियम भरा था। योग-प्राणायाम की अमोल भारतीय सनातन विरासत से देश के लोगाें को फिर जोड़ने में तीन दशक से अनवरत लगे स्वामी रामदेव के निर्देशन में लगभग हजारों की संख्या में लोगों ने लगभग तीन घंटे विभिन्न प्रकार के योगासन और प्राणायम की क्रियायें की।
यह कार्यक्रम योगपीठ तथा आंध्र प्रदेश सरकार के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया जिसमें पतंजलि पीठ के स्वामी आचार्य बालकृष्ण भी उपस्थित थे। इस वर्ष योग दिवस की थीम "स्वस्थ वृद्वावस्था के लिए योग" रखी गयी थी। उपस्थित विशिष्ट लोगों में केंद्रीय नागर विमानन मंत्री के राममोहन नायडू और सत्तारूढ़ तेलुगू देशम पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश भी शामिल थे। इन दोनों नेताओं ने लोगों के बीच मैदान में बिछी चटाइयों पर जा कर योगासन और प्राणायाम किये। अंतराष्ट्रीय योग-दिवस का उत्सव मनाने के लिए लोग वहां प्रात: चार बजे से ही उपस्थित होने लगे थे और पांच बजे तक स्टेडियम पूरा भर गया था।
पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव ने "करो योग, रहो निरोग" के उद्घोषण के साथ लोगों को शारीरिक व्याधि और विकारों में योगासनों और प्राणायाम की क्रियाओं के लाभ बताते हुए उनके अभ्यास का प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा, ' योग पूरे विश्व के लिए हमारे पूज्य ऋषियों का अवदान, योगदान, विरासत व विज्ञान है। ' उन्होंने योग को मानवता के लिए मुफ्त में उपलब्ध अमोल भेंट बताते हुए कहा कि योग सबके लिए है ।
योग गुरु ने मुख्यमंत्री नायडू के योग और आध्यात्म के प्रति लगाव और जनकार्य के प्रति उनके समर्पण की प्रसंशा करते हुए कहा, ' श्री नायडू एक विजनरी मुख्यमंत्री हैं, उनमें दृढ़ता, सेवाभाव, समर्पण की भावना व अप्रतिम सृजनात्मक क्षमता विद्यमान है।'कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप से मुख्यमंत्री श्री नायडू ने कहा कि वह स्वयं तीन दशक से योग और प्राणायाम को नियमित अभ्यास करते हैं और इससे उन्हें अपने काम से जुड़े दैनिक तनाव से निपटने की शक्ति मिलती है। उन्होंने कहा, ' हमारा लक्ष्य आंध्र प्रदेश को केवल टेक्नोलॉजी हब बनाना ही नहीं अपितु आध्यात्मिक एवं वेलनेस केंद्र बनाना भी है। इसमें योग को जनांदोलन बनाकर राज्य के हर घर तक पहुंचाने का भी लक्ष्य भी शामिल है।'उन्हाेंने कहा कि रामदेव जी ने योग को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाया, वे केवल भारत ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया के योगगुरु हैं। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आचार्य आचार्य बालकृष्ण द्वारा रचित पुस्तक "योगर्षियोगनिघण्टु:" तथा आयुष मंत्रालय आंध्र प्रदेश द्वारा जारी पुस्तक आयुष आरोग्य सूत्रावली का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन को पूरा करने के बाद आंध्र प्रदेश की जनता को नशाखोरी के विरुद्ध शपथ दिलायी।उन्होंने सभी को योग को अपनी जीवनचर्या में सम्मिलित करने हेतु संकल्प दिलाया तथा योगव्रती, आयुर्वेदव्रती, स्वदेशीव्रती, आंध्र प्रदेश के साथ-साथ पूरे देश की सेवा के लिए संकल्पित किया।
स्वामी रामदेव और मुख्यमंत्री श्री नायडू ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व की सराहना कि और कहा कि उनके नेतृत्व में ही भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुआ। आज लगभग 200 देश एक साथ योगाभ्यास कर योग की स्वीकार्यता को चरितार्थ करते हैं।
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि उनकी पुस्तक "योगर्षियोगनिघण्टु:" में 3753 योगासनों, 55 प्रकार के प्राणायाम, 721 बंध मुद्रा, 120 ध्यान विधि, 150 शोधन क्रिया तथा 400 यौगिक व्यायाम का उल्लेख किया गया है। पहली बार कुल मिलाकर 5199 योग क्रियाओं के नामों काे डाक्यूमेंटेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि यह पुस्तक संस्कृत और अंग्रेजी भाषा में उपलब्ध है। यह योग की समग्र विरासत का संकलन है।
आंध्र प्रदेश के आयुष विभाग की पुस्तक "आयुष आरोग्य सूत्रावली" को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, लंदन में सम्मान मिला है।
इस पूरे कार्यक्रम में पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम् व पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने योग स्तूप (मलखम्भ योग), रज्जु योग के साथ-साथ सामान्य योग प्रक्रियाओं और एडवांस योग का श्रेष्ठतम प्रदर्शन किया। उन्होंने कठिन आसनों को सरलता से करते हुए योग के क्षेत्र में पतंजलि के योगदान को परिभाषित किया। उनके इस प्रदर्शन के माध्यम से बच्चों , युवाओं और विद्यार्थियों को योग का मंत्र दिया गया।
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