भागलपुर , जून 21 -- बिहार में भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने रविवार को कहा कि योग का विकास, अनुसंधान एवं इसकी समृद्ध परंपरा भारत की देन है। श्री चौधरी ने आज यहां बारहवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया भारतीय योग पद्धति के महत्व को स्वीकार कर रही है और इसे अपने जीवन का हिस्सा बना रही है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को लचीला (फ्लैक्सिबल) बनाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन को भी स्वस्थ एवं संतुलित बनाता है। जब मन और शरीर दोनों स्वस्थ रहते हैं, तभी व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है। चाहे व्यवसाय हो, कार्यालय का कार्य हो अथवा सामाजिक दायित्वों का निर्वहन, हर क्षेत्र में सफलता के लिए मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य आवश्यक है।

डॉ.चौधरी ने कहा कि योग हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मनुष्य की ऊर्जा एवं कार्यक्षमता का एक प्रमुख कारण नियमित योगाभ्यास है। सभी लोगों को प्रतिदिन योग करने का संकल्प लेने की जरुरत है। तभी वह हमेशा स्वस्थ रह सकता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि खेलकूद भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, लेकिन कई खेलों में शरीर के कुछ विशेष अंगों या मांसपेशियों का ही अधिक उपयोग होता है। इसके विपरीत योग संपूर्ण शरीर को सक्रिय करता है तथा शरीर के आंतरिक अंगों के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि योग व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक रूप से सशक्त बनाता है।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित योग शिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।

लोगों में विशेष उत्साह देखा गया तथा सभी ने नियमित रूप से योग को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। समारोह में अपर समाहर्ता दिनेश राम, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी अंकित कुमार सहित बड़ी संख्या में आमलोग और स्कूली बच्चे भी मौजूद थे।

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