, April 15 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष में यूपी ने खुद को एक्सप्रेसवे प्रदेश के रूप में स्थापित किया है। देश मे 55 प्रतिशत एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। गंगा एक्सप्रेसवे इसी माह हम राष्ट्र को समर्पित करवाने जा रहे हैं। तब उत्तर प्रदेश का देश के एक्सप्रेसवे में 60 फीसद हिस्सा होगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के हाथों मंगलवार को लोकार्पित दिल्ली.देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का 65 से 70 फीसद भूभाग भो उत्तर प्रदेश से होकर जाता है।

उन्होंने कहा यूपी और प्रौद्योगिकीए दोनों में अनलिमिटेड पोटेंशियल है। यूपी की पोटेंशियल को आगे बढ़ाने में प्रौद्योगिकी बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकती है। सरकार की तरफ से उसी के अनुरूप वातावरण बनाने का परिणाम है कि भारत के अंदर 55 फीसद मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अकेले उत्तर प्रदेश में हो रही है और बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट 55 से 60 फ़ीसद उत्तर प्रदेश में बन रहा है। 96 लाख से अधिक एमएसएमई यूपी के पास है। वर्तमान में 32000 से अधिक बड़े कारखाने उत्तर प्रदेश के अंदर संचालित हैं। 22000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में एनसीआर आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का हब बना है। कानपुर लेदर और ड्रोन टेक्नोलॉजी हब बना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश एग्रीटेक और एमएसएमई का हब बन रहा है। लखनऊ डिफेंस कॉरिडोर के रूप में विकसित हो रहा है। बुंदेलखंड में 56 हजार एकड़ में एक नई इंडस्ट्रियल सिटी, फ्यूचर रेडी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और फार्मा पार्क की स्थापना की जा रही है।

योगी ने कहा कि एआई आज के समय की आवश्यकता है। हम सबको इसमें अपने आपको पीछे नहीं करना है। उन्होंने एमपीआईटी के निदेशक और फैकल्टी का आह्वान किया कि वे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में युवाओं के लिए अलग.अलग प्रकार के सर्टिफिकेटए डिप्लोमा और डिग्री कोर्स बनाएं जो उन्हें उनके लक्ष्य की ओर आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन व टीसीएस के सीईओ के. कृतिवासन के साथ सीओई का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच लोकार्पण करने के बाद अत्याधुनिक भवन एवं लैब्स ;प्रयोगशालाओं.. का भ्रमण कर निरीक्षण किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैबए साइबर सिक्योरिटी लैब, ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब, थ्री डी प्रिंटिंग लैब की व्यवस्थाओं, सुविधाओं और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। मुख्यमंत्री को बताया गया कि यह सीओई .एआई फॉर आल. की अवधारणा पर आधारित है जिसके माध्यम से तकनीकी को समाज के हर वर्ग तक सुलभ बनाया जाएगा।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री टाटा संस के चेयरमैन और अन्य अतिथियों के समक्ष चयनित स्टार्टअप्स ने नवाचारों का प्रदर्शन किया। स्टार्टअप्स का अवलोकन और इनसे जुड़े युवाओं से संवाद करने के बाद योगी ने नवाचरियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भविष्य में स्टार्टअप इन्क्यूबेशन तथा उद्यमिता विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पूर्वांचल में नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री योगी टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन और अन्य अतिथियों ने एमपीआईटी के विजन डॉक्यूमेंट तथा इनक्लूसिव एआई फॉर यूपी के विजन डॉक्यूमेंट का अनावरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के समक्ष एमपीआईटी और विभिन्न संस्थानों के मध्य एमओयू का आदान प्रदान भी हुआ।

एमपीआईटी में सीओई के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान टीसीएस आई.ऑन के सहयोग से ..एआई फॉर आल.. एवं साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस प्रोग्राम ;21 घंटे का ऑनलाइन कोर्स.. का भी शुभारंभ सीएम योगी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने एआई फॉर फार्मर्स कोर्स का भी शुभारंभ किया।

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