, Oct. 19 -- मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म की परंपरा में मातृशक्ति के प्रति सर्वाेच्च सम्मान व्यक्त किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष में दो बार बासंतिक और शारदीय त्र में जगतजननी मां भगवती की आराधना एवं कन्या पूजन के अनुष्ठान के साथ हर सनातन धर्मावलंबी जुड़ता है। उन्होंने गोरक्षपीठ में कन्या पूजन के अवसर को खुद का सौभाग्य बताते हुए कहा कि शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में प्रदेश के सभी शक्तिपीठों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी हुई है। मां विंध्यवासिनी धाम में नया कॉरिडोर बनने के उपरांत वहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु आए हुए है। कल रविवार को लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने वहां दर्शन पूजन किया। आज भी ब्रह्म मुहूर्त से वहां भारी भीड़ लगी है। 20 से 25 लाख की संख्या में श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी धाम में दर्शन पूजन कर रहे हैं। ऐसे ही देवीपाटन शक्तिपीठ में लाखों की संख्या में श्रद्धालुजन आए हैं। सहारनपुर के मां शाकंभरी शक्तिपीठ और सीतापुर में ललितादेवी शक्तिपीठ में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर अपनी श्रद्धा निवेदित कर रहे हैं।

योगी ने कहा कि सरकार का मिशन शक्ति अभियान नारी की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने वाली भारत की सनातन परंपरा से अनुप्रेरित है। यह मिशन नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की थीम पर ही आधारित है। इसी थीम को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश के अंदर हर थाने में एक महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। हर एक जगह उनकी सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है। उनके लिए 1090 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। हर थाने में भी महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए एक अलग कक्ष दिया गया है, जहां महिला बीट पुलिस अधिकारी उनकी समस्याओं का समाधान भी कर रही हैं। भारतीय नारी आज हर क्षेत्र में प्रगति के नई सोपान छू रही है। बेटी के आगे बढ़ने के लिए उचित माहौल बने, इसके लिए सरकार ने शिक्षण-प्रशिक्षण की भी पुख्ता व्यवस्था की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रेरणा से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का कार्यक्रम हो या मातृ वंदना की स्कीम, ये सभी योजनाएं बहुत प्रभावी साबित हुई हैं। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना से लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम तक नारी गरिमा, नारी सुरक्षा और नारी स्वावलंबन का आज एक आदर्श प्रस्तुत हो रहा है।

महिलाओं के लिए सरकार की विशेष योजनाओं की चर्चा करते हुए योगी ने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा के लिए प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज उपलब्ध करा रही है। बेटी जब विवाह के योग्य होती है तो एक लाख रुपये की सहायता प्रदेश सरकार देती है। 5 लाख से अधिक कन्याओं का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक संपन्न हो चुका है। प्रदेश पुलिस की भर्ती में 20 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई हैं। प्रदेश में 2017 तक मात्र 10,000 महिला पुलिस सेवारत थीं जबकि आज लगभग 45,000 महिला पुलिस कार्मिक सुरक्षा का बेहतर माहौल बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। इसी तरह प्रदेश की अलग अलग ग्राम पंचायतों में 54,000 बीसी सखी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करवा रही हैं। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ड्रोन दीदी हो या लखपति दीदी के कार्यक्रम, सभी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं। जो समाज जगतजननी मां भगवती और सनातन का उपासक हो, वहां पर नारी गरिमा के विपरीत आचरण करने की इजाजत नहीं हो सकती है। इसीलिए सरकार ने नारी सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देकर विभिन्न कार्यक्रमों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र और विजयादशमी पर्व पर समस्त नागरिकों के सुखमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश में लगभग 45,000 स्थानों पर दुर्गा पूजा के पंडाल लगे हुए हैं। पंडालों और देवी मंदिरों में शासन-प्रशासन ने अपने स्तर पर सुरक्षा, सुविधा और यातायात प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था की है। मंगलवार को अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय के विजय का प्रतीक विजयादशमी पर्व है। इसे लेकर प्रदेश में हर जगह सुरक्षा और ट्रैफिक मैनेजमेंट की व्यापक तैयारियां की गई हैं।

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