लखनऊ , मई 29 -- उत्तर प्रदेश सरकार अब ग्रामीण युवाओं को सिर्फ तकनीक सिखाकर नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवाद में निपुण और नेतृत्व करने वाला भी बनाएगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए सालभर का गतिविधि कैलेंडर जारी किया है।

इस नई व्यवस्था में हर महीने राष्ट्रीय दिवस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल, उद्यमिता सत्र, डिजिटल साक्षरता और करियर वर्कशॉप होंगे। जनवरी में करियर काउंसलिंग से लेकर दिसंबर में अंग्रेजी बोलने और रिज्यूम बनाने की ट्रेनिंग तक, युवाओं को कॉरपोरेट जगत के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक हर केंद्र में छह क्लब बनाना अनिवार्य कर दिया गया है - सांस्कृतिक, खेल, डिजिटल, साहित्य, पर्यावरण और उद्यमिता क्लब। हर क्लब में कम से कम दो छात्राओं और दिव्यांग प्रशिक्षुओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

कौशल विकास राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल का कहना है कि अब ग्रामीण युवा सिर्फ तकनीकी हाथ नहीं, बल्कि सोच और संवाद से भी मजबूत बनेंगे।

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