लखनऊ , मई 27 -- पश्चिम बंगाल चुनावों में सफलता के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अब उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के तीसरे कार्यकाल की सफलता के लिए अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर दिया है।
संघ प्रमुख मोहन भागवत पिछले तीन दिन से लखनऊ में हैं। उन्होंने हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की विचारधारा को आगे बढ़ाकर भाजपा सरकार के तीसरे कार्यकाल के प्रयासों को मजबूती देने पर जोर दिया। हालांकि इस बार आरएसएस प्रमुख ने किसी भाजपा नेता से मुलाकात नहीं की। फरवरी के बाद लखनऊ का यह उनका दूसरा दौरा है।
संगठन कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा, "समाज में जातिगत भेद मिटाकर हिंदुत्व और राष्ट्रवाद को बढ़ावा देना चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी जातियों का सम्मान हो और किसी स्तर पर भेदभाव न हो।"निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में तीन दिन के प्रवास के दौरान भागवत ने प्रशिक्षण वर्ग में शामिल 289 स्वयंसेवकों को जीवन में अनुशासन अपनाने और संघ के काम को बढ़ाने के तरीके सिखाये। 'कुटुंब प्रबोधन' अभियान के तहत संघ प्रमुख ने बढ़ते एकल परिवारों की प्रवृत्ति को रोकने और पारंपरिक संयुक्त परिवार व्यवस्था तथा पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा, "परिवारों से संपर्क करें, बच्चों में अच्छे संस्कार डालें और उन्हें सनातन धर्म की शिक्षा भी दें।"पर्यावरण संरक्षण पर बल देते हुए भागवत ने कहा, "जलवायु परिवर्तन हो रहा है और तापमान बढ़ रहा है। इन समस्याओं को रोकने का एकमात्र उपाय पर्यावरण की रक्षा और अधिक से अधिक वृक्षारोपण है।" उन्होंने कहा, "अधिकारों के साथ-साथ लोगों को अपने कर्तव्यों के प्रति भी जागरूक करना जरूरी है। हर व्यक्ति को राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्य निभाने चाहिए।"बौद्धिक सत्र में उन्होंने स्वयंसेवकों के सवालों का जवाब दिया और अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचकर संघ की विचारधारा फैलाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई संघ से जुड़ना चाहता है तो वह अपनी सुविधा और संघ की योजना के अनुसार जुड़ सकता है।
सूत्रों के अनुसार आरएसएस प्रमुख के दौरे के दौरान महंगाई, पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम और वैश्विक मंदी के मुद्दों पर भी चर्चा हुई। आरएसएस कार्यकर्ता जनता को बताएंगे कि ईरान-अमेरिका युद्ध वैश्विक समस्या है, जिसका असर पेट्रोल-डीजल पर पड़ रहा है। भारत में इसका असर अन्य देशों की तुलना में कम है। महंगाई और मंदी के दौर में लोगों को सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक पूर्वी क्षेत्र के संघ पदाधिकारियों के साथ बातचीत में भागवत ने सरकार, संघ और भाजपा के बीच समन्वय पर भी चर्चा की। हाल की समन्वय बैठक में लिए गए फैसलों और उनके क्रियान्वयन की जानकारी दी गई।
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