लखनऊ , अक्टूबर 25 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आदिकवि महर्षि वाल्मीकि की जयन्ती के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को अपने संदेश में कहा कि आदिकवि महर्षि वाल्मीकि ने 'रामायण' के माध्यम से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुँचाया। उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और आदर्शों का अमूल्य ग्रंथ है। महर्षि वाल्मीकि की जयन्ती हमें सत्य, धर्म, मर्यादा, करुणा और लोकमंगल के उन मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देती है, जो भगवान श्रीराम के जीवन में दिखायी देते हैं।

श्री योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन और कृतित्व भारतीय ज्ञान परम्परा की समृद्ध विरासत का परिचायक है। उन्होंने समाज को सदाचार, कर्तव्य और मानवीय मूल्यों का मार्ग दिखाया। उनकी रचनाएँ आज भी समाज को सत्य और धर्म के पथ पर आगे बढ़ने तथा मानवीय संवेदनाओं को सुदृढ़ करने की प्रेरणा प्रदान करती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों और उनकी समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। इसी क्रम में ललापुर, जनपद चित्रकूट स्थित महर्षि वाल्मीकि की तपोस्थली के सौन्दर्यीकरण तथा श्री अयोध्याधाम में महर्षि वाल्मीकि अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की स्थापना जैसे कार्य किए गए हैं। महर्षि वाल्मीकि जयन्ती के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न मन्दिरों एवं देवस्थलों पर रामायण पाठ सहित विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

श्री योगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज में समरसता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देती हैं। उनकी जयन्ती का यह पावन अवसर प्रदेशवासियों में सेवा, सदाचार और लोककल्याण की भावना को और प्रबल करे तथा उत्तर प्रदेश शांति, सौहार्द और समृद्धि के मार्ग पर निरन्तर आगे बढ़े।

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