प्रतापगढ़ , जुलाई 7 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को प्रतापगढ़ जिले के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) परिसर में आयोजित जनसभा में लगभग 384 करोड़ रुपये लागत की 111 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायता एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित किए।

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं और जिनकी भगवान राम में आस्था नहीं है, वे आज अयोध्या की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारें "वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया" की नीति पर चलती थीं, जबकि वर्तमान सरकार "वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट" (ओडीओपी) योजना को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि प्रतापगढ़ का आंवला उत्पाद विश्वभर में अपनी पहचान बना चुका है।

मुख्यमंत्री ने वक्फ संपत्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पूर्व की सरकारों में इन संपत्तियों का दुरुपयोग किया गया और चुनिंदा लोगों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि इनका उपयोग गरीबों के कल्याण के लिए होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि इन संसाधनों का सदुपयोग कर कन्वेंशन सेंटर और व्यावसायिक प्रतिष्ठान विकसित किए जाते तो क्षेत्र के विकास को गति मिलती। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय जनता के धन से कब्रिस्तानों की बाउंड्रीवाल बनाने जैसे कार्यों पर अधिक ध्यान दिया गया।

योगी ने कहा कि प्रतापगढ़ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद है। उन्होंने 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर गुलाब सिंह को नमन किया। साथ ही करपात्री महाराज और जगद्गुरु कृपालु महाराज के योगदान को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को आवास की चाबी, आयुष्मान भारत कार्ड, स्वीकृति पत्र, चेक और अन्य प्रमाण-पत्र वितरित किए। उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाली प्रतापगढ़ की श्रद्धा पांडेय को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

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