लखनऊ , अक्टूबर 27 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन, लखनऊ-हरदोई में पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन, साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र और रोबोटिक्स पार्क की स्थापना से जुड़े प्रस्ताव प्रमुख रहे। मंत्रिमंडल नेमाध्यमिक शिक्षा, संस्कृत विद्यालयों और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों तथा उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी। इससे संबंधित कर्मचारी परिवारों को इलाज के खर्च के बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश में सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इनमें फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने का लक्ष्य है।

बैठक में सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके अलावा झांसी और ललितपुर में भंडारगृहों के निर्माण के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने संबंधी प्रस्ताव भी पारित किया गया।

औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ और हरदोई में लगभग 1,000 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क के मास्टर डेवलपर के चयन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही प्रदेश में वैश्विक कंपनियों के निवेश और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) से संबंधित सशक्त समिति के निर्णयों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

उत्तर प्रदेश वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी) नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने का प्रस्ताव भी पारित हुआ। प्रदेश में पीआरएजीएटीआई रोबोटिक्स पार्क की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई। मंत्रिमंडल ने प्रदेश में साइबर सुरक्षा संचालन केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरों की निगरानी और उनसे निपटने की व्यवस्था को मजबूत करना है।

बैठक में उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इससे प्रदेश में अंतर्देशीय जल परिवहन के नियमन के लिए नियमावली तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा। प्रयागराज में उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 आवासों के निर्माण को वित्तीय मंजूरी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। प्रयागराज में सभागार और कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास के निर्माण संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की गई।

इसके अलावा लखनऊ और वाराणसी में सीवरेज तथा पेयजल से जुड़ी सात परियोजनाओं के व्यय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से दोनों शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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