, April 14 -- इस बावत एमपीआईटी के निदेशक सुधीर अग्रवाल का कहना है कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं ;लैब्स. स्थापित की गई हैं। इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लैब, ड्रोन टेक्नोलॉजी लैब, थ्री.डी प्रिंटिंग लैब और स्पेस टेक्नोलॉजी लैब शामिल हैं। यहां कौशल विकास से नवाचार को प्रेरित किया जाएगा जिससे स्टार्टअप्स को बढ़ावा बढ़ावा मिलेगा और रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी। समग्र रूप में देखें तो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का लक्ष्य इंटीग्रेटेड इनोवेशन ईकोसिस्टम का निर्माण करना है।

एमपीआईटी के सभी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस समूचे पूर्वी उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में काम करेंगे। यहां न केवल एमपीआईटी के छात्रों को बल्कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ;एआईसीटीई. से अनुमोदित 15 अन्य तकनीकी शिक्षण संस्थानों को भी ग्लोबल कोर्सेज में शामिल होने की सुविधा मिलेगी। जो संस्थान एमपीआईटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से लाभान्वित होंगे उनमें मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, राजकीय पॉलिटेक्निक गोरखपुर, राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामाया राजकीय पॉलिटेक्निक हरिहरपुर खजनी, नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी गोरखपुर सेंटर, महाराणा प्रताप पॉलिटेक्निक गोरखपुर, बुद्धा इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, बुद्धा पॉलिटेक्निक कॉलेज गीडा गोरखपुर, आईटीएम गीडा गोरखपुर, आईटीएम पॉलिटेक्निक गीडा गोरखपुर, केआईपीएम कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गीडा गोरखपुर, लिटिल फ्लावर पॉलिटेक्निक गोरखपुर, महामानव गौतम बुद्ध पॉलिटेक्निक बनकटी खुर्द, सुयश इंस्टीट्यूट ऑफ़ इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी हक्काबाद गोरखपुर और विकास इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी गोरखपुर शामिल हैं।

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