जगदलपुर , अगस्त 29 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विरोध करते हुए शनिवार को आरोप लगाया कि इसके लागू होने से आदिवासी समुदाय को मिले विशेष संवैधानिक प्रावधान और अधिकार प्रभावित होंगे।
श्री बैज ने यहां राजीव भवन में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि कांग्रेस आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण के लिए यूसीसी का विरोध करेगी। उन्होंने बताया कि रविवार से जगदलपुर में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्षों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू होगा। इसी तरह प्रदेश के सभी पांच संभागों में प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने राज्य सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि कृषि विश्वविद्यालय की तीन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरक्षक भर्ती, वनरक्षक भर्ती, आरआई पदोन्नति, लोक निर्माण विभाग की सब इंजीनियर भर्ती और पीएससी की एएसआई भर्ती में भी गड़बड़ियों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बिजली के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली दरों में वृद्धि, 400 यूनिट तक मिलने वाली छूट समाप्त करने और स्मार्ट मीटर लगाने के बाद अब विद्युत क्षेत्र के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मंत्रिमंडल विद्युत कंपनी के शेयर बेचने का निर्णय ले चुका है और निजी कंपनी को बिजली आपूर्ति का ठेका देने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस के प्रस्तावित 'बिजली सत्याग्रह' में निजीकरण का विरोध भी प्रमुख मुद्दा रहेगा।
श्री बैज ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बस्तर पंडुम-2025 के दौरान किए गए कथित वादे का उल्लेख करते हुए सरकार से पूछा कि नक्सल मुक्त घोषित गांवों को विकास कार्यों के लिए एक-एक करोड़ रुपये की राशि कब दी जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवार मुआवजे तथा आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे लोगों के लिए निर्धारित योजनाओं का लाभ पाने के लिए भटक रहे हैं।
उन्होंने नक्सलियों का सहयोगी होने के आरोप में जेलों में बंद आदिवासियों का मुद्दा उठाते हुए उनकी रिहाई को लेकर भी सरकार से सवाल किया। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय का अभाव है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश और बिहार को विशेष पैकेज दिया जा रहा है, जबकि छत्तीसगढ़ को ऐसा लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पर होने वाले खर्च की राशि भी वसूली जा रही है।
कांग्रेस नेता ने शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी, साफ-सफाई और सड़कों की स्थिति को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा और कहा कि डबल इंजन सरकार आम जनता के लिए 'ट्रबल इंजन' साबित हो रही है।
श्री बैज ने खनिज संसाधनों के निजीकरण और असंतुलित दोहन को रोकने तथा एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे केंद्रीय करों में राज्य को उसका हिस्सा मिलने के साथ स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन अधिनियम-2026 को बस्तर के आर्थिक और सामाजिक हितों के खिलाफ बताते हुए आरोप लगाया कि नए प्रावधानों से पेसा कानून और पांचवीं अनुसूची के तहत आदिवासियों को मिले अधिकार प्रभावित होंगे। उन्होंने डीएमएफ और सीएसआर मद की राशि के उपयोग में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
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