रायपुर , अगस्त 27 -- छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर कांग्रेस के रुख पर निशाना साधते हुए गुरुवार को कहा कि जहां राष्ट्रीयता और समाज हित की बात आती है वहां कांग्रेस विरोध करने लगती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज को यूसीसी से दूर रखा जाएगा और इस मुद्दे पर आदिवासी समाज को भड़काने की कोशिश सफल नहीं होगी।

श्री कश्यप ने यहां मीडिया से चर्चा के दौरान बस्तर में आदिवासियों के साथ आंदोलन की कांग्रेस की तैयारी पर कहा कि कांग्रेस को पहले आत्मावलोकन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के राजकुमार जब भी यहां आए उन्होंने कुछ नहीं किया। राहुल गांधी ने 2008 और फिर 2019 में बड़ी-बड़ी बातें कीं लेकिन पीएम आवास योजना छीन ली और लोगों की छत छीनने का काम किया। हमारी सरकार की चरण पादुका योजना भी बंद कर दी गई। आज बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है तो कांग्रेस को यह रास नहीं आ रहा है।

कांग्रेस के 29 सीटों पर फोकस को लेकर वन मंत्री ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता ही ऐसी है। उनकी योजनाओं और राजनीति का प्रदेश के विकास से कोई सरोकार नहीं है। आदिवासियों के मन में पीड़ा पैदा करने और उन्हें भड़काने की कोशिश की जा रही है लेकिन यह सफल नहीं होगी।

महतारी वंदन योजना में डेढ़ लाख महिलाओं के नाम कटने के सवाल पर श्री कश्यप ने कहा कि कांग्रेस के लोग पहले 500 रुपए देने की बात करते थे जबकि हमारी सरकार ने मातृशक्ति को राखी से पहले ही राशि दी तो कांग्रेस को तकलीफ हो रही है। यह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता है। तकनीकी समस्या है तो उसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा लेकिन कांग्रेस की मानसिकता नहीं सुधारी जा सकती। उन्होंने कहा, "कंप्यूटर की खराबी सुधारी जा सकती है लेकिन इनके दिमाग की खराबी का इलाज मुश्किल है।"कर्नाटक में वंदेमातरम का दो अंतरा ही गाने की घोषणा को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता साफ दिखती है। उनके नेताओं ने तुष्टीकरण की राजनीति के कारण वंदे मातरम नहीं गाने का फैसला लिया था और वही नीति आज भी चली आ रही है।

यूथ कांग्रेस के चुनाव में खर्च को लेकर श्री कश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में पार्षद और विधायक के टिकट के लिए पैसों का लेन-देन होता है, उसी के आधार पर पद बांटे जाते हैं और अब संगठन के पदों की भी बोली लग रही है।

वन विभाग में वन रक्षकों की भर्ती के संबंध में वन मंत्री ने बताया कि लिखित परीक्षा व्यापम के माध्यम से कराने की तैयारी चल रही है। अपडेट के अनुसार दिसंबर 2026 तक परीक्षा आयोजित होने की संभावना है, जिसमें करीब 16 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। इसके बाद भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

नेपाल में आई बाढ़ और वहां फंसे लोगों की सहायता के लिए राज्य सरकार की ओर से हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने पर श्री कश्यप ने कहा कि यह बहुत बड़ी प्राकृतिक त्रासदी है। मुख्यमंत्री ने संवेदनशीलता दिखाते हुए हेल्पलाइन नंबर शुरू कराया है, ताकि वहां फंसे लोगों और उनके परिवारों को संबल मिल सके।

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