नयी दिल्ली , मई 14 -- यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों को भारत से मछली का निर्यात अब सितंबर 2026 के बाद भी जारी रह सकेगा।

ईयू ने जलीय उत्पादों के आयात संबंधी अपनी मूल प्रारूप सूची में बदलाव करते हुए मंगलवार को संशोधित प्रारूप सूची जारी की जिसमें भारत को भी शामिल किया गया है। इससे उम्मीद जगी है कि इस साल सितंबर के बाद भी भारतीय निर्यातक यूरोपीय संघ के देशों को मछली का निर्यात करते रहेंगे।

भारत समुद्री खाद्य उत्पादों का यूरोपीय देशों को बड़े पैमाने पर निर्यात करता है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने 159.3 करोड़ डॉलर के समुद्री खाद्य पदार्थों का यूरोपीय संघ को निर्यात किया था और इस मामले में ईयू तीसरा सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य था। इसमें मूल्य के हिसाब से 41 प्रतिशत और मात्रा के हिसाब से 38 प्रतिशत की वृद्धि देखी गयी थी। इसमें फार्म में पाली गयी झींगा मछलियों का निर्यात प्रमुख भूमिका में रहा।

पहले प्रकाशित सूची में भारत का नाम न होने से मछली के निर्यातकों में चिंता पैदा हो गयी थी जो अब दूर हो गयी है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बताया है कि यह संशोधित मसौदा सूची भारत द्वारा किये गये अनुपालन उपायों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गयी है जिसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि यूरोपीय संघ को भेजे जा रहे पशु और उनके उत्पाद रोगाणुरोधी औषधीय उत्पादों और मानव चिकित्सा के लिए संरक्षित रोगाणुरोधी दवाओं के उपयोग से मुक्त हैं।

मंत्रालय ने बताया है कि भारत ने पशु चिकित्सा औषधीय उत्पादों, रोगाणुरोधी अवशेषों, पता लगाने की क्षमता और मत्स्य पालन तथा समुद्री भोजन प्रसंस्करण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने संबंधित प्रणालियों को लगातार बेहतर बनाया है। भारत का नाम सूची में शामिल होने से निर्यात बढ़ने के अलावा रोजगार सृजन और विदेशी मुद्रा की आमदनी के रास्ते भी खुलेंगे।

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