नयी दिल्ली, जून 17 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को फ्रांस के शहर एवियन में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ द्विपक्षीय बैठक की।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस वर्ष जनवरी में भारत में ऐतिहासिक 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन को याद करते हुए नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ के द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति का स्वागत किया। उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता वार्ता को अंतिम रूप दिये जाने को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और इस पर जल्द हस्ताक्षर करने और लागू करने पर जोर दिया। इससे व्यापार और निवेश के लिए बड़े अवसर खुलेंगे तथा मौजूदा अस्थिर भू-राजनीतिक माहौल मेंआपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने में मदद मिलेगी।
दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्रों के रूप में जिनकी अर्थव्यवस्थाएं खुली बाजार वाली हैं और समाज विविधतापूर्ण हैं, भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंध विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए एक समान दृष्टिकोण पर आधारित हैं। नेताओं ने इस वर्ष जनवरी में मंजूर किए गए संयुक्त भारत-यूरोपीय संघ व्यापक रणनीतिक एजेंडे पर हुई प्रगति पर चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि इससे भारत-यूरोपीय संघ की रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी तथा दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद और परिवर्तनकारी परिणाम सामने आएंगे।
आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करते हुए उन्होंने पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों का स्वागत किया। उन्होंने एक मजबूत बहुध्रुवीय वैश्विक व्यवस्था को आकार देने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया, जो शांति और स्थिरता, समृद्धि और सतत विकास में योगदान दे।
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