तेहरान , अप्रैल 09 -- अमेरिका के साथ होने वाली युद्धविराम वार्ता से पहले 'ईरान परमाणु ऊर्जा संगठन' के प्रमुख मोहम्मद एस्लामी ने स्पष्ट किया है कि यूरेनियम संवर्धन का ईरान का अधिकार न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि इस पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता है।
श्री एस्लामी ने कहा कि किसी भी युद्धविराम समझौते के तहत संवर्धन का अधिकार एक अनिवार्य हिस्सा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस सप्ताह इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बैठक होनी है।
अमेरिका लगातार यह मांग कर रहा है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं कर सकता। अमेरिका ने यहाँ तक चेतावनी दी है कि यदि ईरान स्वेच्छा से अपना नियंत्रण नहीं छोड़ता है, तो वह बलपूर्वक उसके भंडार को अपने कब्जे में ले लेगा।
इस समय कई गंभीर सवाल बने हुए हैं कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम के विशाल भंडार का क्या होगा, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सामान्य यातायात कब शुरू होगा और भविष्य में ईरान की मिसाइल हमले करने की क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ेगा।
जहाँ अमेरिका ने यूरेनियम की आपूर्ति पूरी तरह खत्म करने, मिसाइल कार्यक्रम को बंद करने और हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की मांग की है, वहीं ईरान केवल जलडमरूमध्य खोलने पर सहमत हुआ है। वह भी ऐसी शर्तों पर जो ईरानी शासन को बड़ा आर्थिक लाभ पहुँचा सकती हैं। ईरान ने कहा है कि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में प्रवेश करने वाले प्रत्येक जहाज से टोल (शुल्क) वसूलेगा।
ईरान के मिसाइल और परमाणु कार्यक्रमों का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है, जबकि इन्हें खत्म करना युद्ध में अमेरिका और इजरायल के प्रमुख उद्देश्य थे। अमेरिका का कहना है कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, जबकि ईरान अपने कार्यक्रम को पूरी तरह शांतिपूर्ण बताता है।
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