चंडीगढ़ , मार्च 09 -- पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा के पेश किये गये बजट को प्रगतिशील, दूरदर्शी और जन-केंद्रित बताते हुए पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन और जल आपूर्ति एवं स्वच्छता मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने आज कहा कि यह वित्तीय रोडमैप राज्य भर में पेयजल बुनियादी ढांचे और पारदर्शी शासन को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेगा।

जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग की पहल सूचीबद्ध करते हुए श्री चीमा ने कहा कि सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में सुरक्षित पेयजल तक पहुंच बढ़ाने और स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए 1487 करोड़ रुपये के बजटीय परिव्यय का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार 11 प्रमुख सतह जल परियोजनाओंको पूरा करने और चालू करने पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिससे पानी की गुणवत्ता से प्रभावित और जल संकट वाले 1230 गांवों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता की चुनौतियों से निपटने और विश्वसनीय पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

श्री मुंडियां ने बताया कि 125 बस्तियों में पेयजल शमन कार्य किये जाएंगे, जबकि गंभीर प्रदूषण के मुद्दों से निपटने और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यूरेनियम प्रभावित 88 क्षेत्रों में नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सरकार 'नल जल मित्र' अभियान भी शुरू करेगी, जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक प्रशिक्षित व्यक्ति ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन और रखरखाव में सहायता करेगा, जिससे सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी। राजस्व एवं पुनर्वास विभाग से संबंधित बजट प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मंत्री ने कहा कि साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की याद में श्री आनंदपुर साहिब में नया प्रशासनिक परिसर स्थापित करने का निर्णय राज्य सरकार की एक सराहनीय पहल है। इस परिसर को विरासत वास्तुकला शैली में डिजाइन किया जाएगा, जिससे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय एक ही छत के नीचे आएंगे और पवित्र शहर की ऐतिहासिक पहचान भी सुरक्षित रहेगी। राजस्व विभाग की अन्य पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब 'ईजी जमाबंदी' पहल शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिससे नागरिक ऑनलाइन पोर्टल या व्हाट्सएप के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड और फर्द सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा 'ईजी रजिस्ट्री' परियोजना ने संपत्ति पंजीकरण प्रक्रियाओं को सरल बना दिया है, जिसके तहत अब तक 6.17 लाख दस्तावेज पंजीकृत किए जा चुके हैं।

आपदा प्रबंधन के प्रयासों का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार ने पिछले साल की बाढ़ के दौरान त्वरित कार्रवाई की और वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान राहत कार्यों के लिए 1,010 करोड़ रुपये जारी किये। उन्होंने कहा कि पंजाब ने भारत की पहली पूरी तरह से डिजिटल बाढ़ राहत प्रणाली पेश की है, जिससे लाभार्थियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे ऑनलाइन फंड ट्रांसफर सुनिश्चित किया गया है।

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