बैतूल , मई 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई विकासखंड में यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो कृषि सेवा केंद्रों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान दुकानों को सील कर खाद विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
प्रशासन से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, मां यमुना कृषि सेवा केंद्र मोही और अमरूते एग्री क्लीनिक परमंडल के खिलाफ किसानों ने निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया खाद बेचने की शिकायत दर्ज कराई थी। किसानों मधु कौशिक और अशोक रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि विक्रेता किसानों से अधिक कीमत वसूल रहे हैं और नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
शिकायत मिलने के बाद अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राजीव कहार के मार्गदर्शन में प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच दल में सहायक कलेक्टर पुष्पराज नानासाहेब खोट, तहसीलदार संजय बरैया और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी घनश्याम घिड़ोडे शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि दुकानों पर विक्रय मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं की गई थी। इसके अलावा स्टॉक रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि किसानों को निर्धारित दर से अधिक कीमत पर यूरिया खाद बेची जा रही थी। अधिकारियों ने इसे उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के नियमों का गंभीर उल्लंघन माना।
प्रशासन ने मामले को खाद की कालाबाजारी से जुड़ा मानते हुए दोनों उर्वरक विक्रेताओं की अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दी। साथ ही दुकानों को सील कर खाद विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग सुरेन्द्र परहाते ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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