लखनऊ , मार्च 16 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत 90,000 लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से 900 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक आम जनता का शोषण किया है, अब उस शोषण की भरपाई ब्याज सहित करने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि जिन माफियाओं ने गरीबों की जमीनों पर कब्जा किया था, अब उन्हीं जमीनों पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीति के तहत प्रदेश के 25 करोड़ लोगों को परिवार मानकर बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल मकान उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गरीबों को सम्मानजनक जीवन देना है, जहां घर के साथ शौचालय, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित हों।
उन्होने कहा कि हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका अपना पक्का घर हो। इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आवास योजना को व्यापक रूप से लागू किया गया है। इसके परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश में अब तक करीब 62 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है।
योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी गरीबों के लिए योजनाएं थीं, लेकिन इच्छाशक्ति के अभाव में उनका लाभ जरूरतमंदों तक नहीं पहुंच पाता था। उस समय की सरकारें सीमित दायरे में काम करती थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश के हर नागरिक को परिवार मानते हुए योजनाओं को लागू किया है।
उन्होंने बताया कि 90,000 से अधिक लाभार्थियों को एक-एक लाख रुपये की पहली किस्त दी गई है। यह राशि सहारनपुर, प्रतापगढ़, शाहजहांपुर, फिरोजाबाद, प्रयागराज, जालौन, सीतापुर, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़ सहित कई जिलों के लाभार्थियों को भेजी गई। कुल 900 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता गरीब, वंचित, किसान, युवा और महिलाओं को योजनाओं का लाभ देना है। इसी नीति के कारण उत्तर प्रदेश आज 'बीमारू राज्य' की छवि से निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन रहा है।
उन्होने कहा कि लाभार्थियों को आवास के साथ कई अन्य योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। इनमें उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन, आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा और वृद्ध, निराश्रित व दिव्यांगजनों को पेंशन शामिल है। प्रदेश में 1.06 करोड़ लोगों को पेंशन दी जा रही है।
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