लखनऊ , मार्च 12 -- उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को बड़ी राहत देते हुए अब तक तीन लाख 15 हजार 753 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित किया है। इससे प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिला है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

गुरुवार को गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस ने बताया कि सरकार की सख्त निगरानी और नियमित समीक्षा के कारण चीनी मिलों द्वारा भुगतान प्रक्रिया में तेजी आई है। वर्तमान पेराई सत्र में 42 चीनी मिलों ने किसानों को गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया है।

उन्होंने बताया कि भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाने के लिए एस्क्रो अकाउंट के माध्यम से डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही किसानों को गन्ना पर्ची, सर्वे और भुगतान से जुड़ी जानकारी एसएमएस और विभागीय पोर्टल के जरिए उपलब्ध कराई जा रही है।

गन्ना आयुक्त ने बताया कि सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि भी की है। इसके तहत अगैती प्रजातियों के लिए 400 रुपये प्रति क्विंटल और सामान्य प्रजातियों के लिए 390 रुपये प्रति क्विंटल की दर तय की गई है। इस वृद्धि से किसानों को लगभग 3000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए नई तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी दिशा में नेशनल शुगर इंस्टीट्यूट, कानपुर और उत्तरप्रदेश काउंसिल ऑफ शुगरकेन रिसर्च के साथ समझौता ज्ञापन किया गया है। इससे उच्च गुणवत्ता वाले बीजों की उपलब्धता बढ़ेगी और किसानों को वैज्ञानिक खेती के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

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