प्रयागराज , जुलाई 18 -- उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने कांवड़ यात्रा को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदेश में अब दंगों का दौर समाप्त हो चुका है और भारतीय संस्कृति तथा परंपराओं का सम्मान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में धार्मिक आयोजनों का वातावरण शांतिपूर्ण हुआ है और कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है।

डॉ. निषाद ने शनिवार को प्रयागराज में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि धर्म व्यक्ति को शांति, सुरक्षा और सम्मान प्रदान करता है। उनका आरोप था कि पूर्ववर्ती सरकारों में तुष्टिकरण की राजनीति के कारण एक विशेष वर्ग के त्योहारों को प्राथमिकता दी जाती थी, जबकि वर्तमान सरकार सभी के लिए समान कानून और व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।

उन्होंने कहा, "पहले तलवार से त्योहार मनते थे, अब संस्कार से त्योहार मनाए जाते हैं। जो इस संस्कार में खलल डालेगा, उसका क्या अंजाम होगा, यह योगी सरकार में सभी जानते हैं।"लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अनशन से हटाए जाने के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि विपक्ष केवल राजनीतिक लाभ लेना चाहता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता के पास होती है और केंद्र तथा राज्य सरकारें संवेदनशील हैं।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को ऐसे मुद्दे सड़क के बजाय सदन में उठाने चाहिए। साथ ही उन्होंने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए कहा कि उनकी न्यायोचित मांगों पर विचार करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के "राम और रहीम के लिए एक समान कानून" संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि भारत भारतीय सभ्यता और संस्कृति का देश है तथा यहां सभी धर्मों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि समस्या उन लोगों से है जो भारत में रहकर भी देशविरोधी मानसिकता रखते हैं।

उन्होंने भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति समानता, सम्मान और सामाजिक समरसता का संदेश देती है। इसके विपरीत उन्होंने औरंगजेब के शासन का उदाहरण देते हुए कहा कि देश को यह तय करना होगा कि उसे भगवान श्रीराम और निषादराज की संस्कृति चाहिए या औरंगजेब की।

प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर धाम स्थित किले परिसर में अवैध मस्जिद को हटाए जाने के सवाल पर डॉ. निषाद ने कहा कि इस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत चल रही है और इसे लोकतांत्रिक तथा कानूनी प्रक्रिया के तहत हल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि समाधान नहीं निकला तो उनकी पार्टी आंदोलन का रास्ता भी अपनाएगी।

राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए डॉ. निषाद ने कहा कि निषाद पार्टी ने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां बूथ स्तर तक तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा कि "जिस समाज का युवा बूथ पर खड़ा होता है, उसी समाज का युवा नौकरी में भी आता है। जिसका दल और बल है, उसकी समस्या का समाधान भी होता है।"उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने गठबंधन के तहत उन्हें 16 ऐसी सीटें दी थीं, जिन पर पार्टी पहले चुनाव हार चुकी थी। इनमें से निषाद पार्टी ने 11 सीटों पर जीत दर्ज कर गठबंधन को मजबूत किया। भविष्य की चुनावी रणनीति पर उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सीटों की मांग करने के बजाय भाजपा से केवल हारी हुई सीटें देने का आग्रह करेगी। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी का उद्देश्य उन सीटों को जीत में बदलकर गठबंधन को मजबूत करना है।

डॉ. संजय निषाद ने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी के रूप में उसी भावना से कार्य कर रही है, जैसे भगवान श्रीराम के वनवास के दौरान निषादराज गुह ने उनका साथ दिया था। उन्होंने कहा कि निषाद पार्टी की भूमिका गठबंधन को मजबूत करने और कठिन सीटों पर विजय दिलाने की है।

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