लखनऊ , मार्च 12 -- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाएं गुरुवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हो गईं। इस वर्ष हाईस्कूल में लगभग 24.5 लाख तथा इंटरमीडिएट में करीब 26 लाख परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी।

बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों के लगभग 1.22 लाख परीक्षा कक्षों में 2.89 लाख से अधिक वॉइस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे ऑनलाइन निगरानी की गई। इसके लिए जिलों में कंट्रोल रूम तथा लखनऊ में राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया। परीक्षा की निगरानी के लिए प्रयागराज स्थित परिषद मुख्यालय तथा मेरठ, बरेली, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर के क्षेत्रीय कार्यालयों में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाए गए। परीक्षा के दौरान 12 जिलों के 16 केंद्रों पर मानक संचालन प्रक्रिया का पालन न करने और 11 जिलों के 17 केंद्रों पर नकल संबंधी शिकायत मिलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।

भगवती सिंह ने बताया कि इस वर्ष प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। उत्तर पुस्तिकाओं को पहली बार ए-4 आकार में तैयार किया गया और उनमें क्यूआर कोड, क्रमांक, परिषद का लोगो और पृष्ठ संख्या जैसे सुरक्षा फीचर शामिल किए गए। साथ ही चार अलग-अलग रंगों की सिलाईयुक्त उत्तर पुस्तिकाएं तैयार की गईं।

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के लिए परिषद मुख्यालय में क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) गठित की गई। कुछ यूट्यूब चैनलों द्वारा पुराने या एडिटेड प्रश्नपत्रों को वायरल बताकर प्रसारित करने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई।

सचिव ने बताया कि कड़ी निगरानी के चलते इस वर्ष प्रदेश में केवल 49 छद्म परीक्षार्थी पकड़े गए, जबकि 18 छात्र अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पाए गए। सभी मामलों में कार्रवाई की गई।

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