प्रयागराज , जून 18 -- माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने प्रदेश के 465 वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों की मान्यता समाप्त कर दी है। बोर्ड सचिव की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, इन विद्यालयों ने निर्धारित मानकों और शर्तों का अनुपालन नहीं किया। पिछले दो साल से इन विद्यालयों में एक भी विद्यार्थी नहीं था, जिसके कारण यह निर्णय लिया गया।ये विद्यालय उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित विद्यालय (मान्यता प्रदान करने तथा विनियमावली) के प्रावधानों के तहत मान्यता प्राप्त थे। बाद में विभिन्न स्तरों पर की गई जांच और परीक्षण में पाया गया कि संबंधित विद्यालय निर्धारित शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे।ऐसे विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनकी मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि दो साल से इन विद्यालयों के विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हो रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि जिन विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है, वे शैक्षिक सत्र 2025-26 से किसी भी कक्षा में नया प्रवेश नहीं ले सकेंगे।साथ ही, संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देश दिया गया है कि इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए उन्हें निकटवर्ती मान्यता प्राप्त विद्यालयों में समायोजित कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करे। जारी सूची में आगरा, अलीगढ़, मथुरा, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, कौशांबी, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, वाराणसी और मिर्जापुर सहित कई जिलों के विद्यालय शामिल हैं। प्रयागराज जिले के भी कई विद्यालयों की मान्यता समाप्त की गई है।
बोर्ड सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मान्यता समाप्त विद्यालयों में किसी भी प्रकार की नई शैक्षिक गतिविधि या प्रवेश प्रक्रिया संचालित नहीं की जाएगी।
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