कानपुर , दिसंबर 15 -- उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने चार प्रमुख लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं को यूनिक आईडी जारी करने की स्वीकृति प्रदान की है।
चारों परियोजनाओं के माध्यम से संयुक्त रूप से लगभग 1100 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का प्रस्ताव है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से न केवल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा, बल्कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के प्रस्तावों की समीक्षा के लिए सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कुल चार परियोजनाओं को यूनिक आईडी जारी करने की मंज़ूरी दी गई। यह प्रशासनिक प्रक्रिया परियोजनाओं को ज़मीनी स्तर पर उतारने की दिशा में एक अहम चरण मानी जा रही है। स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत वाराणसी में मै ओडब्लू एम, मुरादाबाद में आरपी एंड संस, लखनऊ में मै एएमटी तथा मै रेसीप्रोकल द्वारा लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग इकाइयों की स्थापना प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में आधुनिक भंडारण और वितरण नेटवर्क को मजबूती मिलेगी।
ये परियोजनाएं उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति-2022 के अंतर्गत स्वीकृत की गई हैं, जिसके तहत निवेशकों को वित्तीय प्रोत्साहन, टैक्स छूट और अन्य सहूलियतें प्रदान की जा रही हैं। इससे प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार हो रहा है।यूपीसीडा द्वारा अब तक वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति और पीआईपी नीति के अंतर्गत कुल 45 परियोजनाओं को स्वीकृति दी जा चुकी है। ये परियोजनाएं लगभग 650 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएंगी, जिनमें कुल 11,610 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।
प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को एक सशक्त "लॉजिस्टिक्स हब" के रूप में स्थापित करना है। इसके तहत मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस क्लस्टर, कोल्ड स्टोरेज चेन और वितरण केंद्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। यूपीसीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरन आनंद ने कहा कि चार परियोजनाओं को यूनिक आईडी की स्वीकृति से निवेश को ज़मीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज़ होगी। यूपीसीडा नीति में मिले प्रोत्साहनों को निवेशकों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में लॉजिस्टिक्स सेक्टर में और व्यापक निवेश को प्रोत्साहित किया जाएगा।
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