मुरादाबाद , अक्टूबर 12 -- यूपीआई से होने वाले चुनिंदा व्यापारी भुगतानों पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) के विरोध में सोमवार को समाजवादी व्यापार सभा ने मुरादाबाद के मुख्य बाजार में थाली-चम्मच बजाकर प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार से प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग की। संगठन ने आशंका जताई है कि इस व्यवस्था से छोटे दुकानदारों और खुदरा कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की मंशा के अनुरूप, समाजवादी व्यापार सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष गुप्ता के आह्वान और प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जायसवाल की सहमति से आयोजित इस प्रदर्शन में जिला और महानगर संगठन के पदाधिकारी तथा कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने डिजिटल भुगतान व्यवस्था को व्यापारियों के लिए किफायती बनाए रखने की मांग उठाई।

प्रस्तावित ढांचे के अनुसार शुल्क व्यापारी पक्ष से लिया जाना है और व्यक्ति से व्यक्ति के यूपीआई लेन-देन तथा दो हजार रुपये तक के व्यापारी भुगतान निःशुल्क रहेंगे। पचहत्तर हजार रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर शुल्क की अधिकतम सीमा तीन सौ रुपये तय की गई है। सरकार का कहना है कि व्यापारी भुगतानों का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा इस व्यवस्था से अप्रभावित रहेगा। छोटे व्यापारियों की निर्धारित श्रेणियों को छूट देने का प्रावधान भी बताया गया है। इसके बावजूद व्यापारी संगठनों का कहना है कि यह आशंका बनी हुई है कि दुकानदार ग्राहकों को नकद भुगतान के लिए प्रेरित कर सकते हैं या अतिरिक्त लागत उन्हीं पर डाल सकते हैं।

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