जयपुर , सितम्बर 30 -- भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल (बीयूवीएम) के तत्वावधान में देश में व्यापारी यूपीआई पर लगाये जा रहे एमडीआर के खिलाफ दो अक्टूबर से आंदोलन की शुरुआत करेंगे।

बीयूवीएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि विरोधस्वरूप बीयूवीएम की गवर्निंग बॉडी तथा सैंकड़ों व्यापारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। श्री गुप्ता ने बताया कि दो अक्टूबर को महात्मा गांधाी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यूपीआई पर लगाये जा रहे एमडीआर के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत की जायेगी और दो अक्टूबर को पूरे भारत में 'नो यूपीआई डे' रखकर यूपीआई के द्वारा कोई लेनदेन नहीं किया जायेगा।

उन्होंने बताया कि अक्टूबर को काला दिवस मनाते हुए देश के समस्त व्यापारी नो यूपीआई डे रखकर विरोध-प्रदर्शन करेंगे। दस अक्टूबर शनिवार को सभी संस्थायें अपने-अपने स्थान पर यूपीआई एमडीआर चार्ज के विरोध में धरना-प्रदर्शन करें। बीयूवीएम राष्ट्रीय स्तर पर मेमोरेण्डम एवं ज्ञापन तैयार कर सभी संस्थाओं को भेजें और सभी संस्थायें अपने-अपने सांसदों को ज्ञापन प्रस्तुत करें। बीयूवीएम का प्रतिनिधिमण्डल यूपीआई पर एमडीआर नहीं लिया जायें, का ज्ञापन तैयार कर प्रधानमंत्री एवं वित्तमंत्री जी से समय लेकर ज्ञापन प्रस्तुत करें।

श्री गुप्ता ने बताया कि स्थान की व्यवस्था को देखते हुए आगे की रूपरेखा तय करने के लिये तारीख तय कर यूपीआई पर एमडीआर के विरोध के साथ ही दिल्ली में बीयूवीएम के बैनर तले देश की सभी संस्थाओं की बैठक आमंत्रित की जायेगी। उन्होंने कहा कि बीच-बीच में देश के सभी व्यापारी काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर यूपीआई के प्रयोग पर 40 पैसा सैंकड़ा एमडीआर अधिसूचित किया है। इसी अधिसूचना में एक लाख तक का पेमेन्ट पाने वाले उन सभी ट्रांजेक्शनों पर शून्य एमडीआर का फायदा दिया गया है यानि एक लाख एक हजार का पेमेन्ट पाने वाले ट्रांजेक्शनों पर 40 पैसे सैंकड़ा एमडीआर देय होगा। रेलवे, टेलीकॉम, इन्श्योरेन्स, फ्यूल एवं खेती से जुड़े सामान पर पांच रुपये प्रति ट्रांजेक्शन फिक्स्ड एमडीआर आरोपित किया गया है। म्यूचअल फण्ड्स, सिक्यूरिटीज, स्टॉक ब्रोकर, डीलर से जुड़े पेमेन्ट पर 0.02 प्रतिशत का एमडीआर लगाया गया है।

इसके विरोधस्वरूप बीयूवीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंस के द्वारा बैठक आयोजित हुई जिसमें पंजाब, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मुंबई, दिल्ली , हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश ,तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश ,राजस्थान सहित देश के कई अग्रणी नेतृत्व प्रदान करने वाले व्यापारियों ने आयोजित सभा में शिरकत की। देश के करीब 17 प्रान्तों से जुड़े व्यापारियों ने यूपीआई पर एमडीआर लगाने का विरोध किया और इसे तत्काल प्रभाव से वापिस लेने के लिये तीव्र आंदोलन चलाने के सुझाव प्रस्तुत किये।

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