भिवानी , अक्टूबर 17 -- भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय महासचिव भानु प्रकाश ने यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाने के फैसले को दीपावली तक स्थगित करने के कदम का स्वागत किया है। उन्होंने इसे व्यापारियों के लिए राहत भरा निर्णय बताते हुए केंद्र सरकार से इस शुल्क को स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग की है।

श्री भानु प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा मिला है। आज यूपीआई छोटी दुकानों से लेकर बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठानों तक भुगतान का लोकप्रिय और सुविधाजनक माध्यम बन चुका है। इससे नकदी रखने की जरूरत कम हुई है और लेन-देन की प्रक्रिया आसान, पारदर्शी और तेज हुई है।

उन्होंने कहा कि यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाने से व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसका सबसे अधिक असर छोटे दुकानदारों और मध्यम वर्ग के व्यापारियों पर पड़ सकता है। त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी और डिजिटल भुगतान बढ़ने से यह शुल्क व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है।

श्री भानु प्रकाश के अनुसार, देशभर में व्यापारियों ने दो से 15 अक्टूबर तक विभिन्न तरीकों से यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाने के विरोध में अभियान चलाया। इस दौरान दो और 15 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' मनाकर यूपीआई से भुगतान लेने का बहिष्कार किया गया।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की चिंता और विरोध के बाद सरकार ने दीपावली तक शुल्क स्थगित करने का निर्णय लिया है। इससे कारोबारियों को अस्थायी राहत मिली है, लेकिन व्यापार मंडल की मांग है कि एमडीआर शुल्क को केवल स्थगित करने के बजाय इसे पूरी तरह समाप्त किया जाए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित