सक्ती , अक्टूबर 28 -- छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में आर्थिक तंगी से जूझ रही एक महिला ने अपने संघर्ष और हुनर के बल पर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है। कभी घर में काम करने आए बढ़ई की मजदूरी चुकाने के लिए अपनी पायल गिरवी रखने को मजबूर हुईं शिव कुमारी राठौर आज खुद कारपेंटर का काम कर सालाना दो से तीन लाख रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं।
जिले की नगर पंचायत अड़भार निवासी शिव कुमारी राठौर ने आर्थिक कठिनाइयों के बीच रोजगार का नया रास्ता तलाशा। घर में बढ़ई का काम कराने के दौरान मजदूरी चुकाने के लिए उन्हें अपनी पायल गिरवी रखनी पड़ी थी। इसी अनुभव ने उन्हें स्वयं बढ़ईगीरी सीखने के लिए प्रेरित किया।
शिव कुमारी ने किसी प्रशिक्षण संस्थान का सहारा लेने के बजाय मोबाइल फोन और इंटरनेट को सीखने का माध्यम बनाया। उन्होंने यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो की मदद से लकड़ी का काम सीखना शुरू किया। लगातार अभ्यास और मेहनत से धीरे-धीरे उन्होंने इस पेशे में दक्षता हासिल कर ली।
बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के बढ़ईगीरी सीखने वाली शिव कुमारी अब इसी हुनर के जरिए अपनी आजीविका चला रही हैं। वर्तमान में वह इस काम से सालाना लगभग दो से तीन लाख रुपये की कमाई कर रही हैं।
आर्थिक मजबूरी से शुरू हुआ उनका यह सफर अब स्वावलंबन का आधार बन चुका है। शिव कुमारी की सफलता यह दर्शाती है कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर सीमित संसाधनों के बावजूद रोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
सक्ती जिले की शिव कुमारी की यह कहानी विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष कर आत्मनिर्भर बनने की इच्छुक महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है।
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