अलवर , सितम्बर 03 -- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मुद्दे को लेकर देशभर में जारी सियासी घमासान के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद एवं राजस्थान भाजपा प्रभारी डॉ. राधा मोहन अग्रवाल ने कहा है कि यूजीसी से जुड़े पूरे मामले को लेकर सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अपना पक्ष रख दिया है और सरकार अब उच्चतम न्यायालय के अंतिम फैसले का इंतजार करेगी।

डाॅ अग्रवाल ने गुरुवार को राजस्थान में अलवर में पत्रकारों से कहा कि सरकार के स्तर पर भी पूरे मामले पर पुनर्विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूजीसी को लेकर सरकार ने अपनी स्थिति उच्चतम न्यायालय के समक्ष स्पष्ट कर दी है। सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे में अपना पक्ष रखा गया है।

उन्होंने संकेत दिया कि इस मामले में सरकार जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया और पुनर्विचार के विकल्पों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही है।

यूजीसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर सहित अलग-अलग स्थानों पर चल रहे विरोध और आंदोलनों के बीच भाजपा के इस बयान को सरकार की रणनीति के अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रेस वार्ता में बीकानेर में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कांग्रेस नेता के साथ कथित मारपीट और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल पर डॉ अग्रवाल ने कांग्रेस पर जोरदार पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस का असली चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।

डॉ अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में दलित और वरिष्ठ नेताओं के साथ दुर्व्यवहार कोई नयी बात नहीं है। उन्होंने इसके लिए बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर, बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस में इस तरह की घटनाओं का इतिहास पुराना है और यह सिलसिला अब श्री मल्लिकार्जुन खरगे तक दिखाई देता है।

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