लखनऊ , जनवरी 29 -- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा देश के सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों में जातिवादी घटनाओं को रोकने के लिए लागू किए गए नए नियमों पर उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई रोक को उचित बताया है। सुश्री मायावती ने गुरुवार को एक्स पर लिखा " यूजीसी के इन नए नियमों से देश में सामाजिक तनाव का वातावरण पैदा हो गया था। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप सही दिशा में उठाया गया कदम है। यदि यूजीसी नियम लागू करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से विश्वास में लेकर चर्चा करती और जांच समितियों में वंचित समाज को प्राकृतिक न्याय (नेचुरल जस्टिस) के तहत उचित प्रतिनिधित्व देती, तो इस तरह की स्थिति उत्पन्न नहीं होती।"बसपा प्रमुख ने कहा कि किसी भी संवेदनशील विषय पर निर्णय लेते समय व्यापक संवाद और सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है, ताकि समाज में संतुलन बना रहे और तनाव की स्थिति न बने।

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