नयी दिल्ली , सितम्बर 03 -- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस-यूक्रेन युद्ध पर एक बार फिर भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा है कि यह युद्ध का दौर नहीं है और समाधान युद्धक्षेत्र से नहीं निकलेंगे।
विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि यूक्रेन यात्रा पर गये श्री जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री आंद्री सिबिहा के साथ चर्चा के बाद कहा कि भारत लगातार मानता रहा है कि अंतहीन युद्ध की समाप्ति होनी चाहिए और भारत इसमें किसी भी तरह मदद के लिए तैयार है।
उन्होंने यूक्रेन युद्ध में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई और कहा कि दो दिन पहले कीव में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की भी मौत हुई है। उन्होंने कहा कि संघर्ष का हर गुजरता दिन अधिक मौत और तबाही का कारण बन रहा है।
विदेश मंत्री ने वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय नाविक कई देशों के झंडे वाले जहाजों पर काम करते हैं और इस संघर्ष में उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ा है। जहाजरानी पर असर से कई विकासशील देशों में ईंधन, उर्वरक और खाद्य पदार्थों की कमी जैसी समस्याएं पैदा हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने अब तक यूक्रेन को मानवीय सहायता की 19 खेप भेजी हैं, जिनमें 160 टन सामग्री शामिल है। इसमें जनरेटर, दवाएं और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी मानवीय सहायता बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
द्विपक्षीय संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच व्यापार दवाओं, खाद्य एवं कृषि, उर्वरक, मशीनरी, रसायन और उपभोक्ता वस्तुओं सहित कई क्षेत्रों में है। युद्ध और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण पिछले चार वर्षों में व्यापार प्रभावित हुआ है, लेकिन इसमें मजबूती बनी हुई है और सहयोग की नई संभावनाएं भी सामने आई हैं।
श्री जयशंकर ने कहा कि शिक्षा दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग का क्षेत्र रहा है। यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की देखभाल के लिए उन्होंने वहां के अधिकारियों का आभार जताया।
विदेश मंत्री ने कहा कि डिजिटल क्षमता, नवाचार, स्टार्टअप और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में भारत और यूक्रेन के बीच सहयोग की नई संभावनाएं हैं। उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री को दोनों देशों के बीच अंतर-सरकारी आयोग की अगली बैठक के लिए सुविधा के अनुसार भारत आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का मुख्य जोर संवाद और कूटनीति के जरिए युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं पर है।
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