माॅस्को , अक्टूबर 22 -- रूस ने गुरुवार को कहा कि यूक्रेन या यूरोपीय देशों की ओर से ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं।

रूसी सरकार के आधिकारिक मुख्यालय क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से यह बात कही। श्री पेस्कोव से पूछा गया था कि उनका देश यूक्रेन और कई यूरोपीय देश की उस तत्परता को कैसे देखता है, जिसके तहत वे तनाव बढ़ाने के बजाय ऐसी शर्तों पर वास्तविक बातचीत की दिशा में बढ़ना चाहते हैं जिनमें रूसी सुरक्षा हितों का भी ध्यान रखा गया हो।

श्री पेस्कोव ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ के बीच हुई बैठक में हुए समझौतों पर सार्वजनिक चर्चा केवल नुकसानदेह ही साबित हो सकती है। उन्होंने कहा, "जैसा कि आप जानते हैं, इतनी जटिल बातचीत प्रक्रिया में मध्यस्थता बहुत सावधानी एवं गोपनीयता के साथ होनी चाहिए। सार्वजनिक रूप से शोर-शराबे के साथ की गयी कूटनीति से नुकसान ही होगा और जवाबी प्रस्तावों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करना और भी ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है।" उन्होंने यह भी बताया कि श्री विटकोफ ने श्री पुतिन के सामने जो नये प्रस्ताव रखे हैं उनके बारे में वह कोई जानकारी नहीं दे सकते।

श्री पेस्कोव ने कहा कि श्री पुतिन ने अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकोफ के पास यूक्रेन समझौते को लेकर कोई लिखित प्रस्ताव नहीं भेजा है। उन्होंने कहा कि श्री पुतिन और श्री विटकोफ के बीच हुई बैठक में बनी सहमतियों पर सार्वजनिक चर्चा करने से इस प्रक्रिया को नुकसान पहुंच सकता है।

श्री पेस्कोव ने आगे कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ बातचीत शामिल नहीं है लेकिन अगर चाहें तो इस पर जल्दी ही सहमति बन सकती है।

उन्होंने कहा कि श्री पुतिन और श्री ट्रम्प लगातार एक-दूसरे को यह भरोसा दिलाते रहते हैं कि वे किसी भी समय बातचीत करने के लिए तैयार हैं। श्री पेस्कोव ने बताया कि श्री पुतिन ने यूक्रेन पर त्रिपक्षीय बातचीत के नये दौर के लिए रूसी वार्ता दल के गठन को लेकर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है।

श्री पेस्कोव ने आगे कहा कि श्री पुतिन की रूसी वार्ताकारों के साथ मुलाकात की अभी कोई ठोस योजना नहीं है लेकिन बातचीत का नया दौर होने से पहले अभी समय है। अमेरिकी प्रशासन यूक्रेन में शांति समझौता कराने के लिए बहुत कुछ कर रहा है जबकि यूरोप इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कुछ भी नहीं कर रहा है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता ने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन में श्री पुतिन की व्यक्तिगत भागीदारी को लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है और निमंत्रण पर अभी भी विचार किया जा रहा है। जी20 शिखर सम्मेलन 14-15 दिसंबर को मियामी में आयोजित होगा।

श्री पेस्कोव ने बताया कि सेंट पीटर्सबर्ग में हुई एक बैठक के दौरान, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग ने ऊर्जा क्षेत्र में रूस और चीन के बीच सहयोग पर चर्चा की।

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