जेनेवा , मार्च 12 -- भारत ने बुधवार को जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में इस बात को दोहराया कि आतंकवाद 'मानवाधिकारों के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक' बना हुआ है और इसके खिलाफ एक 'एकीकृत वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता' है।
भारत की ओर से राजदूत सिबी जॉर्ज ने परिषद के 61वें सामान्य सत्र में आह्वान किया कि परिषद सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए दृढ़ रहे।
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