नयी दिल्ली, मार्च 05 -- यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (यूएनआई) से पत्रकारिता शुरू करने वाले देश के जाने-माने पत्रकार एचके दुआ का गुरुवार को राजधानी में अंतिम संस्कार कर दिया गया। श्री दुआ का बुधवार को 88 साल की उम्र में निधन हो गया था। वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

उनके चाहने वाले उन्हें सिर्फ संपादक, राजनयिक और सांसद के तौर पर याद करने के साथ उन्हें एक ऐसे संवाददाता (रिपोर्टर) के तौर पर भी याद करेंगे जो सभी के दिलों में हमेशा से बसते हैं। उनके दोस्त उन्हें दुआ, या 'दुआ साहब' के नाम से संबोधित करते थे।

श्री दुआ के अंतिम संस्कार में राजधानी के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकारों ने शामिल होकर उनको अंतिम विदाई दी और उनकी पत्नी अदिति दुआ को अपनी संवेदनाएं दीं। उनकी अंतिम यात्रा में बिजनेस स्टैंडर्ड के पूर्व मुख्य संपादक टीएन निनान, आईएनएस के पूर्व मुख्य संपादक तरुण बसु, इंडिया टुडे के संपादक राजदीप सरदेसाई, और जम्मू - कश्मीर के पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा शामिल हुये और अपनी संवेदनाएं व्यक्त की।

वरिष्ठ पत्रकार महेंद्र वेद ने यूनीवार्ता को बताया कि श्री दुआ भारतीय राजनीति के पुराने दौर की एक घटना का जिक्र अक्सर करते थे, जिसमें उनके रिपोर्टर वाली समझ झलकती थी। उन्होंने बताया कि श्री दुआ एक बार लुटियन दिल्ली से अपने स्कूटर पर कहीं जा रहे थे, तभी उन्होंने सड़क पर एक युवा विपक्षी सांसद को इंतज़ार करते देखा, जिनको एक प्रेसवार्ता करने के लिये कॉन्स्टिट्यूशन क्लब जाना था और वह टैक्सी रोकने के लिए को इशारा कर रहे थे। वह सांसद कोई और नहीं बल्कि अटल बिहारी वाजपेयी थे।

यह देखकर श्री दुआ वहां रुके और उन्हें लिफ्ट की पेशकश की। जिस पर सांसद श्री वाजपेयी स्कटूर की पीछे की सीट पर बैठ गये। श्री दुआ उनको रफी मार्ग स्थित गतंव्य तक ले गये। श्री दुआ की उस छोटी सी मेहरबानी ने भारत के सबसे महान नेताओं में से एक श्री वाजपेयी का ज़िंदगी भर का दोस्त बना दिया। श्री दुआ को जानने वालों के लिये यह घटना उनकी मेहनत, व्यक्तित्व, मिलनसार स्वभाव की तस्दीक करती है।

श्री दुआ ने अपना करियर यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया (यूएनआई) से शुरू किया था। इसके बाद उन्होंने भारत के चार सबसे जाने-माने अखबारों ' द हिंदुस्तान टाइम्स (1987-94), द इंडियन एक्सप्रेस (1994-96), द टाइम्स ऑफ़ इंडिया एडिटोरियल एडवाइजर के तौर पर (1997-98), और बाद में द ट्रिब्यून (2003-09) का नेतृत्व करने का खास सम्मान हासिल किया।

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