बांदा , मार्च 21 -- देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के दिल्ली स्थित मुख्यालय को बिना पूर्व नोटिस सुरक्षा बलों द्वारा खाली कराए जाने की कार्रवाई की बांदा में विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी निंदा की है और इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व मंत्री व पूर्व सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि वर्तमान सरकार में पत्रकार, नेता, कार्यकर्ता, व्यापारी और किसान सहित कोई भी वर्ग सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई केवल यूएनआई पर नहीं बल्कि पूरे लोकतंत्र पर हमला है और पत्रकारों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूएनआई मुख्यालय को जबरन खाली कराए जाने की खबर से जनमानस आहत है। उन्होंने इसे अलोकतांत्रिक कदम बताते हुए कहा कि यह पत्रकारिता को दबाने की कोशिश है।

बहुजन समाज पार्टी के नेता एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी मयंक द्विवेदी ने भी इस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे पत्रकार जगत का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम चुनाव के मद्देनजर पत्रकारों को भयभीत करने का प्रयास है।

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