कौशांबी , मार्च 21 -- देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के दिल्ली स्थित कार्यालय को शुक्रवार को बिना पूर्व नोटिस पुलिस द्वारा जबरन खाली कराए जाने की कार्रवाई की विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और पत्रकार संगठनों ने कड़ी आलोचना की है और इसे लोकतंत्र पर सीधा प्रहार बताया है।

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष गौरव पांडे ने इस कार्रवाई को केंद्र और दिल्ली सरकार की तानाशाही करार देते हुए कहा कि बिना किसी सूचना के यूएनआई कार्यालय को खाली कराकर सील करना अलोकतांत्रिक कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान व्यवस्था में मीडिया की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

समाजवादी पार्टी के स्थानीय सांसद ने भी इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि बिना नोटिस मीडिया संस्थान को बंद करना सरकारी तंत्र की मनमानी को दर्शाता है और यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है।

मान्यता प्राप्त पत्रकार संवाददाता समिति कौशांबी के कृष्णा मणि मिश्रा, अलीम अहमद और महेंद्र मिश्रा ने भी इस घटना को अनुचित बताते हुए कहा कि यह स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला है।

उल्लेखनीय है कि यूएनआई का कार्यालय कई दशकों से नई दिल्ली के संसद मार्ग स्थित 9, रफी मार्ग परिसर से संचालित हो रहा था। विभिन्न संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

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