नैनीताल , अगस्त 25 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने देहरादून के शहरी स्वास्थ्य एवं कल्याण केन्द्र में तैनात चिकित्सा अधिकारियों के बकाया वेतन के मामले में महत्वपूर्ण आदेश देते हुए राज्य सरकार को चिकित्सकों के वेतन का 75 प्रतिशत हिस्सा 10 दिन के भीतर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने डा. ऋषि मुद्गिल और अन्य सात चिकित्सकों की याचिका पर विगत 20 अगस्त को सुनवाई करते हुए दिये परंतु आदेश की प्रति मंगलवार को ही उपलब्ध हो पायी।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि उन्हें इस हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में 11 माह की विभिन्न संविदा अवधि के लिए मेडिकल ऑफिसर नियुक्त किया गया था। उन्होंने अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों पर इस्तीफा दिया था। इसके बाद विभिन्न अवधियों का वेतन भुगतान नहीं होने की शिकायत हाईकोर्ट में की गई।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया कि 75 प्रतिशत वेतन के भुगतान के लिए सरकार पहले ही धनराशि जारी कर चुकी है और यह राशि 10 दिन के भीतर चिकित्सकों को दे दी जाएगी। शेष 25 प्रतिशत वेतन के लिए संबंधित स्वास्थ्य केंद्र से चिकित्सकों के वास्तविक कार्य की अवधि का प्रमाणपत्र लेकर उसका सत्यापन किया जाएगा।
खंडपीठ ने चिकित्सकों को सभी औपचारिकताएं एक सप्ताह के अंदर करने के निर्देश दिए है। इसके बाद 75 प्रतिशत वेतन 10 दिन में तथा शेष राशि कार्य अवधि के सत्यापन के बाद अगले चार सप्ताह के भीतर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ ही खंडपीठ ने याचिका को निस्तारित कर दिया।
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