बैतूल , अगस्त 21 -- युवाओं को बदलते दौर में करियर की नई संभावनाओं, कौशल विकास और तकनीक के उपयोग से परिचित कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को आमला में 'युवा संवाद-सपने, संवाद और सफलता' कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिटी मैरिज लॉन में आयोजित कार्यक्रम में आमला विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे और कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने विद्यार्थियों की करियर संबंधी जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस दौरान आमला विधानसभा क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में कक्षा नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के साथ कॉलेज छात्र और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी शिक्षा, व्यवसाय, रोजगार और कौशल विकास के विकल्पों की जानकारी दी। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीकी उपकरणों के उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गई।

कलेक्टर डॉ. सोनवणे ने कहा कि जीवन में व्यक्ति जो करना चाहता है, उसके पीछे 'क्यों' स्पष्ट होना जरूरी है। यदि लक्ष्य के पीछे का कारण मजबूत है तो मोटिवेशन अपने आप आता है। उन्होंने विद्यार्थियों को विल पावर और डिटरमिनेशन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय गलतियों का विश्लेषण कर नए उत्साह के साथ प्रयास करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और युवाओं को समय के अनुरूप अपनी स्किल्स विकसित करनी होंगी। पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित रहने के बजाय अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप अवसर तलाशने चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को परिवार की अपेक्षाओं, उपलब्ध जानकारी तथा अपनी रुचि और क्षमता के बीच संतुलन बनाकर करियर चुनने की सलाह दी।

विधायक डॉ. योगेश पंडाग्रे ने कहा कि प्रतिभा, मेहनत और संकल्प हो तो आर्थिक परिस्थितियां सफलता के रास्ते में बाधा नहीं बन सकतीं। सरकार मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया।

जिला ब्लड बैंक अधिकारी डॉ. अंकिता सीते ने विद्यार्थियों को प्लान-ए के साथ प्लान-बी तैयार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि कम्युनिकेशन, डिजिटल, टाइम मैनेजमेंट, प्रॉब्लम सॉल्विंग और क्रिएटिविटी जैसी स्किल्स भी जरूरी हैं।

कार्यक्रम में तकनीकी शिक्षा, विज्ञान, वाणिज्य, कला और एआई क्षेत्र के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को रोजगार की बदलती संभावनाओं की जानकारी दी। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने करियर, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों और अधिकारियों ने समाधान किया। कार्यक्रम ने युवाओं को अपनी रुचि पहचानकर उसे स्पष्ट लक्ष्य में बदलने और निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।

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