नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने गुरुवार को कहा कि युवा नवप्रवर्तक देश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी भविष्य को दिशा देने वाली सबसे महत्वपूर्ण शक्ति हैं।
प्रो. सूद ने गांधीवादी युवा तकनीकी नवाचार (जीवाईटीआई) पुरस्कार समारोह में आज कहा कि जीवाईटीआई जैसे मंच युवाओं को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि किफायती, टिकाऊ और समाजोपयोगी तकनीकी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने स्वास्थ्य, स्वच्छता, कृषि, ऊर्जा और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में नवाचार को समय की आवश्यकता बताया और कहा कि तकनीक का उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवा नवप्रवर्तकों की भूमिका निर्णायक होगी और जीवाईटीआई जैसे मंच भारत के नवाचार पारितंत्र को सशक्त बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं से जुड़े नवाचार ही देश को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
जीवाईटीआई पुरस्कारों का आयोजन सोसायटी फॉर रिसर्च एंड इनिशिएटिव्स फॉर सस्टेनेबल टेक्नोलॉजिस एंड इंस्टीटूशन ( एसआरआईएसटीआई) द्वारा प्रतिवर्ष किया जाता है।
इस अवसर पर एसआरआईएसटीआई के अध्यक्ष प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा कि छात्र नवाचार तभी सार्थक होते हैं जब वे जमीनी समस्याओं से जुड़े हों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाएँ। उन्होंने टेकपीडिया मंच की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि इसने देशभर के छात्रों की मौलिक सोच को राष्ट्रीय पहचान दिलाई है।
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