नयी दिल्ली , फरवरी 01 -- यूनियन बजट 2026-27 भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसमें टैलेंट डेवलपमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने और मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार पैदा करने पर फोकस किया गया है। संसद में बजट पेश करते हुए, केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने खेलो इंडिया मिशन शुरू करने की घोषणा की, जिसका मकसद अगले दशक में स्पोर्ट्स सेक्टर को बदलना है। युवा मामले और खेल मंत्रालय के लिए कुल बजट आवंटन में 1,133 करोड़ रुपये की वृद्धि की गयी है।
डेवलपमेंट सेक्टर के तौर पर स्पोर्ट्स की बढ़ती अहमियत पर ज़ोर देते हुए, फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा, "स्पोर्ट्स सेक्टर रोज़गार, स्किलिंग और नौकरी के कई मौके देता है। खेलो इंडिया प्रोग्राम के ज़रिए स्पोर्ट्स टैलेंट को सिस्टमैटिक तरीके से आगे बढ़ाने की शुरुआत करते हुए, मैं अगले दशक में स्पोर्ट्स सेक्टर को बदलने के लिए खेलो इंडिया मिशन शुरू करने का प्रस्ताव करती हूँ।"यूनियन बजट में, स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं। खेलो इंडिया मिशन पूरे देश में स्पोर्ट्स इकोसिस्टम को मज़बूत करने के लिए एक बड़ा तरीका अपनाएगा। इस मिशन का मकसद एथलीट के लिए सही रास्ते बनाना, इंस्टीट्यूशनल कैपेसिटी को मजबूत करना और सभी लेवल पर परफॉर्मेंस के नतीजों को बेहतर बनाना है।
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