जयपुर , जुलाई 15 -- राजस्थान के कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने विश्व युवा कौशल दिवस को केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के भविष्य को संवारने का संकल्प बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं के कौशल और विभिन्न क्षेत्रों में उनकी सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है।
श्री बिश्नोई बुधवार को यहां विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर कौशल, नियोजन एवं उद्यमिता विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने कहा कि आज की तेजी से बदलती दुनिया में केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उपयुक्त कौशल सफलता की कुंजी बन चुका है। कौशल विकास न केवल रोजगार प्राप्त करने का साधन है, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार तथा सामाजिक परिवर्तन का आधार भी है।
उन्होंने कहा कि राजस्थान देश के उन राज्यों में से एक है, जहां युवाओं की संख्या सर्वाधिक है। राज्य की लगभग 28 से 30 प्रतिशत आबादी युवा है और आने वाले वर्षों में यह संख्या और बढ़ेगी। ऐसे में बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप युवाओं को नये कौशल प्रदान करना तथा उन्हें निरंतर विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यक्तिगत प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि सरकार, उद्योग जगत और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही युवाओं को 21वीं सदी के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं क्षमताओं से सशक्त बनाया जा सकता है।
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