नयी दिल्ली , अक्टूबर 19 -- युवा कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन करते हुए उनका 'रावण रूपी' पुतला फूंका और 'वोट चोरी की रासलीला' नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया का विरोध किया।
युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता वरुण पांडे ने बताया कि युवा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की निष्पक्षता, विश्वसनीयता और जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और मतदाताओं का विश्वास बहाल करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है। संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त से चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाब देने और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की।
संगठन के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने इस दौरान कहा कि देश का युवा चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता पर उठ रहे सवालों पर चुप नहीं रहेगा। चुनाव आयोग को जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना पड़ेगा।
श्री चिब ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर वोट का सम्मान और प्रत्येक नागरिक के जनादेश की रक्षा करना भी जरूरी है। उनका कहना था कि जब चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं तो चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है कि वह स्पष्ट जवाब दे और निष्पक्षता के उच्चतम मानकों का पालन करे।
उन्होंने कहा कि 'वोट चोरी की रासलीला' के माध्यम से युवा कांग्रेस ने संदेश दिया है कि देश का युवा लोकतंत्र की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। ज्ञानेश कुमार के 'रावण रूपी' पुतले का दहन जवाबदेही की मांग और चुनावी प्रक्रिया को लेकर संगठन के आक्रोश का प्रतीक है।
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