शिमला , जून 16 -- हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को युवाओं में बढ़ती नशे की लत पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसके खिलाफ पूरे समाज से एकजुट होने का आह्वान किया।
कांगड़ा जिले के फतेहपुर में गुरुद्वारा नानक जोत साहिब (सर्व धर्म पीठ) में नवनिर्मित मुख्य दरबार साहिब का उद्घाटन करने के बाद राज्यपाल ने युवाओं से सेवा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां युवाओं को सकारात्मक मार्गदर्शन देती हैं और उन्हें गलत संगत व हानिकारक प्रभावों से दूर रखती हैं। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक संगठनों, समुदायों और सरकारी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से ही नशामुक्त हिमाचल प्रदेश और नशामुक्त भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
राज्यपाल ने कहा कि नशामुक्त गांव, नशामुक्त हिमाचल प्रदेश और अंततः नशामुक्त भारत के सपने को साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास अनिवार्य हैं। उन्होंने सर्व धर्म पीठ को भारत की आध्यात्मिक विरासत, समावेशी संस्कृति और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक बताया और कहा कि यह सभी धर्मों के अनुयायियों के बीच आपसी सम्मान और एकता को बढ़ावा देता है।
श्री गुप्ता ने इस स्थल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसी मान्यता है कि गुरु नानक देव जी ने अपनी तीसरी उदासी के दौरान यहाँ प्रवास किया था। उन्होंने कहा कि यहाँ प्राचीन धार्मिक कलाकृतियों, एक पुराने नागनी माता मंदिर और एक पवित्र बरगद के पेड़ की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यह क्षेत्र लंबे समय से पूजा और ध्यान का केंद्र रहा है।
राज्यपाल ने गुरु नानक देव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि समानता, करुणा, सत्य और निस्वार्थ सेवा की उनकी शिक्षाएं आज भी मानवता का मार्गदर्शन कर रही हैं। उन्होंने इस स्थल को भारत की सह-अस्तित्व और आध्यात्मिक सद्भाव की परंपराओं के केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए मुख्य सेवादार संत बाबा श्री लवप्रीत जी महाराज के प्रयासों की भी सराहना की।
श्री गुप्ता ने कहा कि एक ही परिसर के भीतर श्री गुरु ग्रंथ साहिब, दिव्य माता को समर्पित एक मंदिर और अखंड पवित्र ज्योति की उपस्थिति एकता और खुलेपन की भावना को दर्शाती है, जहां बिना किसी भेदभाव के सभी पृष्ठभूमि के लोगों का स्वागत किया जाता है।
गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के अवसर पर राज्यपाल ने सिख गुरु को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और सत्य, न्याय तथा मानवता के प्रति उनके बलिदान, साहस और प्रतिबद्धता को याद किया।
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