रायपुर , अगस्त 17 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर युवाओं के आंदोलनों को नक्सल विचारधारा से जोड़ने का आरोप लगाते हुए सोमवार को कहा कि युवा और छात्र देश का भविष्य हैं तथा उन्हें कथित तौर पर 'दिमागी नक्सली' बताने के लिए प्रधानमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को देश के युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

श्री बैज ने यहां जारी बयान में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिया गया संबोधन निराशाजनक रहा और उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से युवाओं के आंदोलन को नक्सल विचारधारा से जोड़कर युवा पीढ़ी का अपमान किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा बेहतर भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं तथा अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना उनका संवैधानिक अधिकार है।

उन्होंने दावा किया कि निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की मांग को लेकर जंतर-मंतर सहित देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं ने शांतिपूर्ण आंदोलन किए। आंदोलनों के दौरान युवाओं को लाठीचार्ज, आंसू गैस और पानी की बौछार जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा, इसके बावजूद आंदोलन शांतिपूर्ण रहा। ऐसे आंदोलनों को नक्सली मानसिकता से जोड़ना स्वीकार्य नहीं है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वैचारिक असहमति और लोकतांत्रिक अधिकारों को दबाने के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क, महंगाई और बढ़ती आर्थिक असमानता जैसे मुद्दों पर जवाबदेही से बचने के लिए 'अर्बन नक्सल' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' जैसे आरोपों का सहारा लेती रही है।

श्री बैज ने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि युवाओं का आंदोलन किस आधार पर नक्सली मानसिकता से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय अवसर पर युवाओं के संदर्भ में की गई टिप्पणी लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है और इसके लिए प्रधानमंत्री तथा भाजपा को युवाओं से माफी मांगनी चाहिए।

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