जयपुर , अप्रैल 17 -- राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने ऐतिहासिक धरोहरों को सांस्कृतिक पहचान बताते हुए युवाओं काआह्वान किया है कि उन्हें अपनी सांस्कृतिक धरोहरों के प्रति जागरूक रहकर उनके संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
श्री देवनानी ने विश्व धरोहर दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए शुक्रवार को यह बात कही। उन्होंने धरोहरों का संरक्षण सबकी साझा जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि ऐतिहासिक धरोहरें केवल अतीत की स्मृतियां नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान और गौरव के जीवंत प्रतीक हैं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान अपनी समृद्ध विरासत, भव्य किलों, महलों, मंदिरों और लोक संस्कृति के कारण विश्व पटल पर विशिष्ट पहचान रखता है। इन धरोहरों का संरक्षण और संवर्धन न केवल सरकार की जिम्मेदारी है बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है।
श्री देवनानी ने कहा कि आधुनिक विकास के साथ-साथ हमें अपनी परंपराओं और विरासत को सहेजकर रखना होगा ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपने इतिहास से जुड़ी रहें और उससे प्रेरणा प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि जब हम अपनी धरोहरों को सहेजते हैं, तब हम अपनी पहचान और इतिहास को सुरक्षित रखते हैं, जो किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है।
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