मोहाली , सितंबर 19 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए अवसर, वित्तीय सहायता और संस्थागत सहयोग का मजबूत तंत्र तैयार कर रही है।

उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और सरकार उन्हें अपनी क्षमता दिखाने, उद्यम शुरू करने तथा रोजगार पैदा करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

श्री मान यहां इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के मोहाली परिसर में आयोजित 'आईएसबी लीडरशिप समिट-2026' में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आईएसबी के 25 वर्ष पूरे होने पर संस्थान के प्रबंधन, विद्यार्थियों और शिक्षाविदों को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं के नए विचारों को हकीकत में बदलने के लिए 'स्टार्टअप सेंटर' स्थापित किया है। 'बिजनेस ब्लास्टर्स' कार्यक्रम के तहत स्कूल ऑफ एमिनेंस के विद्यार्थियों को अपने कारोबारी विचारों पर काम करने के लिए शुरुआती वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं समाजों का होगा जो नवाचार को अपनाएंगे, सोच-समझकर जोखिम उठाएंगे और उभरते अवसरों को स्थायी विकास में बदलेंगे।

श्री मान ने कहा कि मोहाली तेजी से प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और नवाचार के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। उन्होंने कलकत भवन स्थित स्टार्टअप इनक्यूबेटर का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार नये उद्यमियों और नवोन्मेषी उपक्रमों को संस्थागत सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने उद्योगपतियों और निवेशकों से पंजाब में निवेश करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अपनी कृषि आधारित पहचान पर हमेशा गर्व करेगा, लेकिन रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और टिकाऊ आर्थिक विकास के लिए औद्योगीकरण भी जरूरी है। कृषि और उद्योग को साथ-साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति के तहत सरकार पारदर्शी और निवेशक-अनुकूल कारोबारी माहौल तैयार कर रही है।

श्री मान ने कहा कि सरकार की नीतियां, निजी निवेश, उद्यमशीलता की ऊर्जा और आईएसबी जैसे संस्थानों का ज्ञान तंत्र मिलकर पंजाब में विकास की व्यापक संभावनाएं खोल सकते हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को उद्योग, निवेश और नवाचार का केंद्र बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से पारंपरिक करियर विकल्पों से आगे सोचने का आह्वान करते हुए कहा कि उद्यमिता केवल करियर का विकल्प नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान का माध्यम भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज के लिए उपयोगी समाधान विकसित करने, कठिन सवाल पूछने और चुनौतियों से सीखने की अपील की।

श्री मान ने कहा कि पंजाब ने देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य ने किसानों, उद्यमियों, उद्योगपतियों और पेशेवरों की ऐसी पीढ़ियां तैयार की हैं, जिन्होंने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आईएसबी के पूर्व विद्यार्थी पंजाब में निवेश, युवा उद्यमियों के मार्गदर्शन, नवाचार और रोजगार सृजन में योगदान देंगे।

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