नयी दिल्ली , फ़रवरी 06 -- सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने केन्द्रीय बजट को युवा, महिला, ग़रीब और किसानों की उन्नति वाला बजट बताया है और कहा है कि इसमें सड़क परिवहन अवसंरचना के लिए तीन लाख 21 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

श्री मल्होत्रा ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की लगातार बढ़ोतरी की ओर अग्रसर है और इस बार के केंद्रीय बजट में युवा, महिला, ग़रीब और किसानों चारों वर्ग को शामिल किया गया हैं और उनकी उन्नति और समान अधिकार को आधार मानते हुए इसे पेश किया गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के लिए सौभाग्य की बात है कि इस बार के बजट में दिल्ली- वाराणसी हाई स्पीड रेलवे गलियारा बनने का प्रावधान किया गया है। वहीं, सड़क परिवहन अवसंरचना के लिए तीन लाख 21 हज़ार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका एक हिस्सा दिल्ली की सड़कों से यातायात जाम को कम करने पर खर्च होगा।

उन्होंने कहा, "दिल्ली- मुंबई राजमार्ग और दिल्ली- कटरा राजमार्ग जैसे सड़कों के जाल बिछाने की भी तैयारी हम कर चुके हैं। दिल्ली रियायत योजना में 24000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसमें हरियाणा के गुरुग्राम से दिल्ली आते समय शिवमूर्ति के पास एक सुरंग बनाने की मंजूरी दी गयी है। कटरा से दिल्ली आने वाले यातायात को हवाई अड्डा से जोड़ने की भी व्यवस्था की गयी है। वहीं, दिल्ली- देहरादून राजमार्ग पर नोएडा जाने के लिए ट्रॉनिका सिटी से गाजियाबाद होते हुए एक रोड पास किया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मध्य दिल्ली को जाम मुक्त बनाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) से महिपालपुर तक 5000 करोड़ रुपये की लागत से एक मार्ग बनाने की मंजूरी प्रदान की गयी है। इसके अलावा कालिंदी कुंज पर लगने वाले जाम को खत्म करने के लिए कालिंदी कुंज पर सिग्नल फ्री सर्कुलर रोड बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में मयूर विहार, नोएडा और सरिता विहार को जोड़ने वाले इस मार्ग पर अक्सर जाम लग जाता है।

श्री मल्होत्रा ने बताया कि दिल्ली में तीन बड़े राजमार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग में बदलने की बात कही गयी है। आश्रम से बदरपुर, पंजाबी बाग से टिकरी बॉर्डर और मेहरौली से गुरुगांव जाने वाले रोड को भी अंडर पास और सिग्नल फ्री बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के तीन डम्पिंग साइट्स (कुड़े की ढेर वाली जगह) जिस पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की सरकारों ने सिर्फ राजनीति की है और काम कुछ नहीं किया है, अब केन्द्र की मोदी सरकार ने 3500 करोड़ रुपये यहां से कूड़े को खत्म करने के लिए दिए हैं और अब गाजीपुर , ओखला और भलस्वा से कूड़े के पहाड़ तेज़ी से खत्म होंगे। 2027 तक इन पहाड़ों को खत्म करने की बात कही गई है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बजट में दिल्ली को सीधे तौर पर 11000 करोड़ रुपये दिये गये हैं। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश होने के कारण 950 करोड़ रुपये दिए गये हैं। नल से शुद्ध जल की आपूर्ति के लिए चंद्रावल में एक नया उपचार संयंत्र स्थापित करने के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, रेलवे की परियोजना के लिए 2700 करोड़ रुपये दिये गये हैं।

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