भोपाल , सितंबर 17 -- भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय ने राजधानी के अशोका गार्डन थाना क्षेत्र में युवक को लोडिंग ऑटो से टक्कर मारने और करीब 200 मीटर तक घसीटने के मामले में अभियुक्त राहुल लोधी उर्फ भूत को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने अभियुक्त पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फैसला सुनाए जाने के बाद अभियुक्त को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
अभियोजन के अनुसार घटना 14 मार्च 2025 को होली के दिन दोपहर करीब 3:45 बजे हुई थी। राहुल लोधी उर्फ भूत लोडिंग ऑटो क्रमांक एमपी04-वाईसी-4334 को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए अशोका गार्डन स्थित रूचि रेस्टोरेंट के पास पहुंचा। आरोप था कि उसने सड़क पर जा रहे शैलेंद्र सिंह राजपूत को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद शैलेंद्र वाहन के अगले हिस्से में फंस गए। इसके बावजूद वाहन नहीं रोका गया और उन्हें करीब 200 मीटर तक सड़क पर घसीटा गया।
गंभीर रूप से घायल शैलेंद्र को उपचार के लिए नेशनल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अभियोजन के अनुसार घटना के दौरान मौके पर मौजूद हिमेश पवार और रोहित गुप्ता सहित अन्य लोगों ने वाहन रोकने का प्रयास किया। इस दौरान आरोपी और उसके साथियों द्वारा उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई। आरोप है कि वारदात के बाद गवाहों को पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन ने सीसीटीवी फुटेज, पेन ड्राइव में सुरक्षित डिजिटल साक्ष्य, घटनास्थल से मिले रक्तरंजित कपड़ों के टुकड़े और मृतक के कपड़ों सहित अन्य सामग्री न्यायालय में प्रस्तुत की। जांच अधिकारी द्वारा तैयार नजरी नक्शा और पांच चिकित्सकों के पैनल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी साक्ष्य के रूप में पेश की गई। अभियोजन के अनुसार मौके पर मौजूद 10 से 12 प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी मामले में महत्वपूर्ण रहे।
राज्य की ओर से लोक अभियोजक पीएन सिंह राजपूत ने पैरवी की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद न्यायालय ने राहुल लोधी को भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में दोषी माना।
अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1), 103(1), 109, 115(2), 351(3) और 296 के तहत आरोपों पर विचार करते हुए अभियुक्त को दोषी ठहराया। इनमें लापरवाही और उतावलेपन से वाहन चलाकर मृत्यु कारित करने, जानलेवा हमला, मारपीट, आपराधिक धमकी और सार्वजनिक स्थान पर अश्लील आचरण से संबंधित आरोप शामिल हैं।
फैसला सुनाते हुए न्यायालय ने घटना की गंभीरता पर टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि त्योहार के दिन सार्वजनिक सड़क पर अनियंत्रित और लापरवाही से वाहन चलाना तथा टक्कर के बाद घायल व्यक्ति को सड़क पर घसीटना गंभीर और अक्षम्य कृत्य है। कानून का भय बनाए रखने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ऐसे मामलों में नरमी का दृष्टिकोण उचित नहीं है।
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