भीलवाड़ा , अप्रैल 09 -- राजस्थान के भीलवाड़ा शहर के पांसल चौराहे पर बुधवार शाम एक हृदय विदारक घटना में सैन समाज के 23 वर्षीय युवक की करंट की चपेट में आने से मौत हो गयी।

अपने वृद्ध माता-पिता के इकलौते सहारे की मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। न्याय की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल की मोर्चरी के बाहर धरने पर बैठ गये हैं, जिससे शव का पोस्टमार्टम भी अटक गया है।

परिजनों का आरोप है कि पुलिस लाइन के पीछे रहने वाला महावीर पांसल चौराहे पर अपनी केबिन चलाता था। बुधवार शाम करीब चार बजे नगर निगम का दस्ता वहां पहुंचा और केबिन हटाने का दबाव बनाया। जल्दबाजी में केबिन हटाने के लिए क्रेन बुलायी गयी, लेकिन क्रेन चालक की लापरवाही से केबिन ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन से टकरा गयी। इसकी चपेट में आने से महावीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रदर्शनकारियों ने निगम आयुक्त की उस रिपोर्ट को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें निगम दस्ते की मौजूदगी से इनकार किया गया है। समाज ने मांग की है कि सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कर सच सामने लाया जाये।

महावीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी असामयिक मौत ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़दिया है। मृतक के एक तीन साल की मासूम बेटी और मात्र 15 दिन का नवजात बेटा है।

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