मुरैना , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में नशीले इंजेक्शन की लत से परेशान एक युवक की आत्महत्या के मामले में औषधि नियंत्रण विभाग की जांच के दौरान पोरसा स्थित एक मेडिकल स्टोर और उसके गोदाम से बड़ी मात्रा में संदिग्ध दवाएं बरामद की गई हैं। पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक को गिरफ्तार कर मामले की जांच तेज कर दी है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार पोरसा निवासी 20 वर्षीय सर्वेश राठौर ने 24 जुलाई को कथित रूप से नशे की लत से परेशान होकर स्वयं को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर आरोप लगाया था कि वह पोरसा के एक मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर नशीले इंजेक्शन खरीदकर नशे का आदी बन गया था। उसने यह भी दावा किया था कि पिछले चार वर्षों में नशे पर 10 से 12 लाख रुपये खर्च कर चुका था तथा आर्थिक तंगी होने पर मेडिकल स्टोर संचालक उसे उधार पर भी इंजेक्शन उपलब्ध कराता था। उसने वीडियो में मेडिकल स्टोर संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग भी की थी।
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने घटना वाले दिन ही संबंधित मेडिकल स्टोर को सील कर दिया था। मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर गठित औषधि नियंत्रण विभाग की चार सदस्यीय टीम ने स्टोर की जांच की। जांच में मेडिकल स्टोर का लाइसेंस लगभग एक माह पहले समाप्त होना पाया गया। साथ ही स्टोर और उसके गोदाम से लगभग सात लाख रुपये मूल्य की संदिग्ध दवाएं बरामद की गईं।
पुलिस ने मेडिकल स्टोर संचालक राजकुमार अग्रवाल को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरण तथा अन्य प्रासंगिक धाराओं में गिरफ्तार कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। साथ ही बरामद दवाओं और उनके विक्रय से संबंधित पहलुओं की भी जांच जारी है।
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